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मूडीज' व क्रिसिल की रेटिंग से एनएचएआइ के इरादों को लगे पंख

आने वाले दिनों में एनएचएआइ द्वारा दिए जाने वाले नए अनुबंधों के परिणामस्वरूप 'भारतमाला' प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को गति मिलने की आशा है।

By Gunateet OjhaEdited By: Published: Sat, 18 Nov 2017 10:01 PM (IST)Updated: Sat, 18 Nov 2017 10:01 PM (IST)
मूडीज' व  क्रिसिल की रेटिंग से एनएचएआइ के इरादों को लगे पंख
मूडीज' व क्रिसिल की रेटिंग से एनएचएआइ के इरादों को लगे पंख

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देशी एजेंसी क्रिसिल की धुआंधार तारीफ तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसी मूडीज' की बढ़ी रेटिंग से उत्साहित एनएचएआइ ने राजमार्ग निर्माण के लक्ष्यों में भारी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। एनएचएआइ ने वर्ष 2017-18 के लिए 6500 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध देने का लक्ष्य तय किया था। परंतु नई स्थितियों में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 10,500 किलोमीटर किए जाने की संभावना है। 4500 किलोमीटर सड़कों के टेंडर दिए जा चुके हैं। जबकि बाकी 6000 किलोमीटर के टेंडर दिसंबर तक दिए जाने की उम्मीद है। मार्च, 2018 तक इनमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

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दरअसल, रेटिंग एजेंसियों के सकारात्मक रुख का फायदा एनएचएआइ को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सस्ती दरों पर ज्यादा कर्ज उठाने के रूप में मिलेगा जिससे वो पहले के मुकाबले ज्यादा परियोजनाओं के अनुबंध देने के साथ-साथ राजमार्ग निर्माण के नए आंकड़े छूने की स्थिति में होगा।

इससे पहले 2015-16 में एनएचएआइ ने 3533 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध दिए थे। जबकि 2016-17 में लक्षित अनुबंधों का आंकड़ा 5600 किलोमीटर का था। हालांकि अनुबंधों के मुकाबले एनएचएआइ की सड़क निर्माण की रफ्तार काफी कम रही है। इसके बावजूद अटकी परियोजनाओं की अड़चने दूर किए जाने तथा हाइब्रिड एन्युटी जैसे आकर्षक नए मॉडल प्रस्तुत किए जाने के परिणामस्वरूप सड़क निर्माण की गति में आश्चर्यजनक इजाफा हुआ है।

गौरतलब है कि मूडीज' ने भारत की रेटिंग के साथ ही देश में राजमार्गो का निर्माण करने वाली सरकारी संस्था एनएचएआइ की रेटिंग भी बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दी है। इसी तरह भारतीय रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भी अपनी रिपोर्ट में यह कहते हुए एनएचएआइ की तारीफ की है कि उसके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप राजमार्ग निर्माण की रफ्तार बढ़कर 23 किलोमीटर रोजाना हो गई है और वो दिन दूर नहीं जब देश में रोजाना 40 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण होने लगेगा। इस हौसला आफजाई से एनएचएआइ के इरादों को पर लग गए हैं।

मूडीज' ने एनटीपीसी व एनएचपीसी के साथ ही एनएचएआइ की रेटिंग बढ़ाते हुए कहा है, 'इससे देश में इन प्रतिष्ठानों की रणनैतिक महत्ता के अलावा सरकार के साथ इनके प्रचालनात्मक एवं वित्तीय संबंधों का पता चलता है।'

इससे पहले मूडीज' ने बीते 9 अक्टूबर को ही एनएचएआइ को बीएए3 रेटिंग प्रदान की थी। इस तरह उसने एक महीने के भीतर ही रेटिंग को बीएए2 के रूप में अपग्रेड कर सबको चौंका दिया है। क्रिसिल रिपोर्ट में भी एनएचएआइ द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की यह कहते हुए तारीफ की गई है कि 2015 में केवल 12 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण हो रहा था। परंतु 2017 में 23 किलोमीटर राजमार्ग बनने लगे हैं। आने वाले दिनों में एनएचएआइ द्वारा दिए जाने वाले नए अनुबंधों के परिणामस्वरूप 'भारतमाला' प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को गति मिलने की आशा है। इसी जमीनी हकीकत को देखते हुए डेट तथा इक्विटी लगाने वाले निवेशक अब भारतीय सड़क क्षेत्र में ज्यादा रुचि लेने लगे हैं।

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