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'जब तक फैसला नहीं आता, मैं लोकसभा नहीं जाऊंगा', अविश्वास प्रस्ताव पर ओम बिरला ने दिया जवाब

Published: Tue, 10 Feb 2026 03:20 PM (IST)Updated: Tue, 10 Feb 2026 05:49 PM (IST)

राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि संसदीय परंपराओं के अनुसार विपक्षी ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर साइन नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार, संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, किसी विपक्षी नेता के लिए स्पीकर को हटाने की मांग पर सहमति जताना उचित नहीं माना जाता।

'मैं लोकसभा में नहीं जाऊंगा'

ओम बिरला ने अपने खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कहा, 'जब तक स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक मैं सदन में नहीं जाऊंगा।'

कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव

कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'आज दोपहर 1:14 बजे, हमने रूल 94C के नियमों और प्रक्रियाओं के तहत स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस दिया।'

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर साइन किए हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि मैं बजट स्पीच के लिए तैयार हूं।

पार्टी ने जो भी करने को कहा है, पार्टी ने करने का फैसला किया है। जाहिर है, पार्टी के मेंबर के तौर पर, मैं पार्टी को सपोर्ट करता हूं।

विपक्ष के आरोप और घटनाएं

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए नोटिस में स्पीकर पर साफ तौर पर 'पार्टीबाजी' करने का आरोप लगाया गया है। विपक्ष का दावा है कि उनके नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया गया।

नोटिस में चार प्रमुख घटनाओं का जिक्र है, जिसमें राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने से रोका जाना शामिल है। राहुल गांधी ने 2020 के चीन स्टैंडऑफ पर जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित यादों का हवाला दिया था।

इसके अलावा, आठ सांसदों का निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर आपत्तिजनक हमले और स्पीकर के उस बयान को भी उठाया गया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन न आने का आग्रह किया था।

टीएमसी की प्रतिक्रिया

इस बीच, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से अपील की थी कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले स्पीकर से बात करें।

टीएमसी ने स्पष्ट किया कि यदि स्पीकर दो-तीन दिनों में विपक्ष की मांग पर कार्रवाई नहीं करते, तो वे नोटिस पर हस्ताक्षर कर देंगे।