नई दिल्ली, एजेंसी। World health organisation (WHO) की एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें वाहन चलाते समय फोन पर बात करने के दौरान होने वाले हादसों के आंकड़े पेश किए गए है। अगर आप भी वाहन चलाते समय लगातार मोबाइल का इस्तेमाल करते है तो ये आंकड़े जानकर आप सहम जाएंगे। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लोग वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, उन लोगों के साथ सड़क दुर्घटना होने की संभावना चार गुना ज्यादा हो जाती है। 

यह अधिक खतरनाक है अगर ड्राइवर गाड़ी चलाते वक्त अगर किसी को मोबाइल से संदेश भेज रहे हैं, क्योंकि ऐसा करते वक्त उनकी आंखें सड़क से हट जाती हैं। इससे ना सिर्फ उनकी बल्कि, सड़क पर चलने वाले लोगों की जान को भी खतरा बना रहता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह दिखाने के लिए कोई निर्णायक सबूत नहीं है कि जो लोग वाहन चलाते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते वो फोन इस्तेमाल करने वालों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होते है। हालांकि, फोन का इस्तेमाल करना दुर्घटनाओं की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है।

दुनियाभर में कई अध्ययनों से पता चला है कि ड्राइवर मोबाइल पर मैसेज करते समय हर छह सेकंड में 4.6 सेकंड के लिए अपनी आंखें सड़क से हटा लेते हैं। इसका मतलब है कि एक चालक 80 की रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए सड़क पर देखे बिना एक फुटबॉल मैदान को कवर कर लेता है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि एक मोबाइल फोन का उपयोग कई ड्राइविंग कार्यों के प्रदर्शन को बाधित कर सकता है। ऐसा करने से सही लेन में चलने की स्थिति बनाए रखने की क्षमता बाधित होती है और इसी के साथ ब्रेक लगाने की रफ्तार भी कम हो जाती हैं।

हाल ही में दिल्ली की एक घटना सामने आई। इस घटना में एक बच्चा अपने अंकल के पीछे भागा, उसके अंकल गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्हें बच्चा के बारे में पता नहीं चला और बच्चा गाड़ी के नीचे आकर मर गया। इस हादसे ने एक बार  फिर एक मजबूत कानून बनाने की ओर इशारा किया है। दुनियाभर में सड़कों पर होने वाली मौतों में प्रमुख कारण वाहन चलाते वक्त फोन का इस्तेमाल करना ही बताया गया है।जहां विकसित देश इस समस्या को लगभग सात-आठ साल पहले ही समझ गए थे।

वहीं, भारत सरकार ने 2016 में इसे संज्ञान में लिया। सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में 2,138 लोगों की मौत वाहन चलाते वक्त फोन का इस्तेमाल करने की वजह से हुई। वहीं, 4,746 लोग घायल हुए थे। सड़क दुर्घटना में हुई मौतों का ये आंकड़ा 2017 में बढ़कर 3,172 हो गया जबकि घायलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही ये आंकड़ा 7,830 हो गया था। हालांकि, अभी भी सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों का सहीं आंकड़ा अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। 

एनजीओ, सेव लाइफ फ़ाउंडेशन द्वारा 2017 में शहरों में किए गए एक अध्ययन में पाया गया था कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करते समय 94% ने महसूस किया कि वाहन चलाते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि, उनमें से 47% ने ड्राइविंग करते समय कॉल रिसीव करना स्वीकार किया।

Posted By: Ayushi Tyagi

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