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अभिजीत दीपके पर इंक फेकने वाली बरखा त्रेहन कौन हैं? सोशल मीडिया पोस्ट में खुद को बता रही पुरुष आयोग की प्रेसिडेंट

Published: Sun, 19 Jul 2026 08:10 PM (IST)

जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन की पहचान हो गई है। वह खुद को पुरुष ...और पढ़ें

अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन

अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान हो गई है। महिला का नाम बरखा त्रेहन है जो सोशल मीडिया पर खुद को पुरुषों के अधिकार के लिए लड़ने वाली बताती हैं।

बरखा कई बार टीवी चैनलों पर भी नजर आईं हैं। त्रेहन इससे पहले रेप के आरोपी कुलदीप सेंगर की भी समर्थक रह चुकी हैं। बरखा की सोशल मीडिया पोस्ट अधिकांश पुरुषों के अधिकार वाले हैं। जिसमें केतन अग्रवाल, राजा रघुवंशी जैसे हाई प्रोफाइल मामले शामिल हैं।

मुझे गर्व है: बरखा त्रेहन

अभिजीत दिपके पर इंक फेकने के बाद बरखा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हां, मैं बरखा त्रेहन वही महिला हूं जिसने उस कट्टर अर्बन नक्सल अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी, क्योंकि जब उसकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मंच पर श्री राम जी का अपमान हुआ, तो वह हंसा था। मैं एक कट्टर हिंदू हूं।मैं बहुत नाराज थी।यह मेरा विरोध था और मुझे इस पर गर्व है।'

दीपके पर फेंकी थी स्याही

बता दें, शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभिजीत पर स्याही फेंकी गई थी।जो उनके चेहरे और आस-पास के लोगों पर पड़ी।इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि कि कुछ ही समय बाद महिला को कब्जे में ले लिया गया।

कौन है बरखा त्रेहन?

बरखा त्रेहन एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो सोशल मीडिया पर खुद को पुरुष आयोग की अध्यक्ष बताती हैं। यह संगठन पुरुषों के अधिकारों के लिए अभियान चलाता है और पुरुषों से संबंधित मामलों में कानूनी सुधारों की वकालत करता है।

अपने आंदोलनों के जरिए त्रेहन ने दहेज, घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों से संबंधित कानूनों के दुरुपयोग पर लगातार चिंता जताई है। उन्होंने भारत में एक वैधानिक पुरुष आयोग की स्थापना की भी मांग की है और लैंगिक समानता वाले कानूनों की वकालत करते हुए पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए संतुलित न्याय की बात कही है।

त्रेहन पिछले कुछ सालों में कई सार्वजनिक विवादों में शामिल रही। इससे पहले, उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराए जाने से पहले, उन्होंने मामले में उचित कानूनी प्रक्रिया का सार्वजनिक रूप से समर्थन करके आलोचनाओं का सामना किया था।

पुलिस के अनुसार, त्रेहन को आखिरी बार 25 दिसंबर, 2025 को जंतर-मंतर पर देखा गया था, जब उन्होंने पुरुष आयोग द्वारा सेंगर के समर्थन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।

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