नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष ने श्रीनगर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले पर केंद्र सरकार को जमकर लताड़ लगाई। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार से पूछा कि आखिर वह पाकिस्तान और भाड़े के आतंकियों को चैलेंज क्यों नहीं करती है।

इस मसले पर जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आतंकियों के पाकिस्तानी होने का भी शक जताया। उन्होंने कहा कि उनके पास पाकिस्तान में बने हथियार थे। अपने जवाब में उन्होंने वही सब बातें कहीं जो इससे पहले मीडिया में सामने आ चुकी थीं। इस पर भी विपक्ष ने उनकी जमकर आलोचना की।

इससे पूर्व इस हमले में शहीद हुए जवानों को दी गई श्रद्धांजलि के दौरान गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की गैर मौजूदगी पर भी संसद में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने जानना चाहा कि आखिर ऐसी घटना होने के बाद गृहमंत्री कहां है। सुषमा स्वराज ने कहा कि आखिर भारत कब तक इस तरह की घटनाओं को देखता और सहता रहेगा। उन्होंने इस हमले को सरकार की नाकामी बताया।

सुषमा स्वराज ने कहा कि जब इस तरह के आतंकी हमला होने का केंद्र को संदेह था तो फिर घाटी में सुरक्षा के बंदोबस्त पुख्ता क्यों नहीं रखे गए। उन्होंने इस हमले को न रोक पाने का सरकार की विफलता करार दिया। भारी शोर शराबे के बीच उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के खिलाफ अजमेर शरीफ के दरगाह ने तो अपना विरोध दर्ज कराया लेकिन भारत सरकार हमेशा की ही तरह से खामोश है।

सुषमा ने सरकार पर आतंकवाद पर नरमी बरतने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह घटना जहां घटी है कि वहां पर अफस्पा को हटाने की लगातार मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि इस बाबत यदि सरकार जरा भी गंभीर है तो वह भावनाओं में न बहते हुए आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। लोकसभा में सत्ता पक्ष के साथियों द्वारा शोर मचाए जाने पर भी सुषमा ने अपनी नाराजगी दर्ज की। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर भी यदि सरकार संवेदनशील नहीं है तो फिर उससे कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है।

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