क्या होता है भारत छोड़ो नोटिस? अभिनेता इमरान खान को किन शर्तों के उल्लंघन की वजह से दिया गया आदेश
अभिनेता इमरान खान को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर 'भारत छोड़ो नोटिस' मिला है। अमेरिकी ...और पढ़ें

इमरान खान को मिला भारत छोड़ो नोटिस

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए अभिनेता इमरान मुंबई में एक प्रदर्शन में शामिल हुए। मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। लेकिन अमेरिकी नागरिकता रखने वाले इमरान खान को मुंबई पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की तरफ से 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस मिला है।
इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं है और OCI के नियमों का उन्होंने उल्लंघन किया है। यही वजह है कि उन्हें देश छोड़ने का नोटिस दिया गया है।
इमरान खान नहीं है भारतीय नागरिक
इमरान खान का जन्म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन (मैडिसन) में हुआ था, जिसके चलते जन्म से ही उनके पास अमेरिकी नागरिकता और अमेरिकी पासपोर्ट है। वे भारत में ओसीआई (Overseas Citizen of India) कार्ड के जरिए रहते और काम करते हैं।
क्या होता है भारत छोड़ो नोटिस?
'भारत छोड़ने का नोटिस' (Quit India Notice या Departure Notice) एक ऐसा कानूनी आदेश होता है जो किसी विदेशी नागरिक को सरकार या प्रशासन द्वारा देश छोड़ने का निर्देश देने के लिए जारी किया जाता है। यह नोटिस तब दिया जाता है जब कोई विदेशी नागरिक या ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारक भारत के वीजा नियमों, इमिग्रेशन कानूनों या फॉरेनर्स एक्ट (Foreigners Act) का उल्लंघन करता है
यह किसे और क्यों दिया जाता है?
• केवल विदेशी नागरिकों के लिए: देश से बाहर जाने का यह निर्देश केवल विदेशी नागरिकों पर लागू होता है। किसी भारतीय नागरिक को ऐसा नोटिस नहीं दिया जा सकता।
• नियमों का उल्लंघन: यह आमतौर पर तब जारी किया जाता है जब कोई विदेशी नागरिक भारत में रहते हुए वीजा नियमों, इमीग्रेशन कानूनों या विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) का उल्लंघन करता है।
• कानूनी स्थिति: यदि कोई भारतीय नागरिक किसी विरोध प्रदर्शन या गतिविधि में शामिल होता है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उसे 'भारत छोड़ने का नोटिस' नहीं मिल सकता।
क्या होता है OCI कार्ड
भारत का संविधान दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। इसलिए OCI कोर्ड कोई दोहरी नागरिकता नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए एक विशेष आप्रवासन दर्जा है जो भारतीय मूल के हैं लेकिन किसी अन्य देश की नागरिकता ले चुके हैं। यह कार्ड विदेशी नागरिकों को जारी किया जाता है।
OCI कार्ड के नियम
OCI कार्डधारकों को भारत आने और वहां रहने के लिए आजीवन वीजा और मल्टीपल एंट्री की सुविधा मिलती है, जिससे बार-बार वीजा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
OCI कार्डधारक भारत के नागरिक नहीं होते हैं। इन्हें भारत में मतदान करने, चुनाव लड़ने या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व जज जैसे किसी भी संवौधानिक पद पर आसीन होने का अधिकार नहीं होता। इन्हें भारतीय संविधान के तहत मिलने वाले राजनीतिक अधिकार या आर्टिकल 19 के तहत अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा करने के मौलिक अधिकार नहीं होते।
हालांकि, भारत में मौजूद हर विदेशी को आर्टिकल 21 और आर्टिकल 14 के अधिकार जरूर मिलते हैं।
OCI कार्डधारक भारत में रिहायशी और व्यावसायिक संपत्ति खरीद सकते हैं, लेकिन कृषि भूमि, फार्महाउस या प्लांटेशन प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकते। हालांकि इन्हें विरासत में प्राप्त कर सकते हैं।
भारत के कुछ संरक्षित या प्रतिबंधित क्षेत्रों में घूमने के लिए OCI कार्डधारकों को गृह मंत्रालय से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। इसके अलावा, 20 वर्ष की आयु से पहले और 50 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट बनने पर OCI कार्ड अपडेट कराना अनिवार्य होता है।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
अगर कोई OCI कार्डधारक किसी राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होता है, प्रतिबंधित क्षेत्रों के नियमों को तोड़ता है, या वीजा शर्तों का उल्लंघन करता है, तो सरकार के पास सख्त कानूनी कदम उठाने का अधिकार होता है।
कानूनी जांच या मामला दर्ज: संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है, पुलिस द्वारा मामला (FIR) दर्ज किया जा सकता है या उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।
भारत छोड़ने का आदेश (डिपोर्टेशन): नियमों के उल्लंघन पर उन्हें भारत छोड़ने या देश से निष्कासित करने का आदेश दिया जा सकता है, जैसा कि हाल ही में इमरान खान के मामले में देखने को मिला है।
OCI कार्ड का निरस्तीकरण: गृह मंत्रालय (MHA) के नियमों के अनुसार, यदि कोई कार्डधारक गंभीर अपराध या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन और कार्ड रद भी किया जा सकता है।
