नई दिल्ली [स्पेशल डेस्क]। आपने अक्सर लोगों से यह शिकायत करते सुना होगा कि फलां पेट्रोल पंप में पेट्रोल कम मिलता है, फलां पेट्रोल पंप वाला धोखा देता है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी पहले ही परेशान है, लेकिन अब पेट्रोल पंपों की धोखाधड़ी ने आम लोगों का नुकसान और बढ़ा दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल में एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में 2015 से 2017 के बीच पेट्रोल पंपों पर सामने आए धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कई पेट्रोल पंपों पर लोगों से पैसे तो पूरे लेते हैं, लेकिन चालाकी से तेल कम दिया जाता है। इसके जरिए पेट्रोल पंप लाखों रुपये कमाते हैं। पिछले साल यूपी में कई पेट्रोल पंप पर चिप से तेल चोरी का खुलासा हुआ था। यहां हम आपको बता रहे हैं पेट्रोल पंप में मूर्ख बनने से बचना हो तो हमेशा रखें इन बातों का ख्याल...

आप मीटर रीडिंग देखते रहे और सेंध लग गई
मान लें कि आप पेट्रोल पम्प पर गए और 600 रुपये का पेट्रोल डलवाया। 600 रुपये का पेट्रोल भरवाने में करीब 1 सवा मिनट का समय लगता है। आपका सारा ध्यान मीटर की रीडिंग पढ़ने में निकल जाता है और अगर इस बीच 10 सेकंड के लिए भी स्विच ऑफ होता है तो समझ लीजिए कि आपके 600 रुपये के पेट्रोल में करीब 50-100 रुपये का टांका यह शातिर लगा देते हैं।

कैसे होती है यह चोरी
पेट्रोल पंप का नोजल आपकी गाड़ी के पेट्रोल/डीजल टैंक के अंदर जाता है और आप मीटर में सबसे पहले '0' देखते हैं। इसके बाद आप जितने रुपये के पेट्रोल या डीजल की मांग करते हैं उतना जब तक मीटर दिखा नहीं देता, तब तक मीटर से नजर नहीं हटाते। इस बीच आपको पता ही नहीं चलता की मीटर तो चल रहा है, लेकिन आपकी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल जा रहा है या नहीं।

गाड़ी रिजर्व में आने से पहले भरवा लें पेट्रोल
बेहतर सुझाव यही है कि आप गाड़ी रिजर्व में आने से पहले ही पेट्रोल भरवा लें। बहुत कम लोग जानते हैं कि खाली टैंक में पेट्रोल भरवाने से नुकसान होता है। ऐसा इसलिए कि आपकी गाड़ी का टैंक जितना खाली होगा उसमें उतनी ही हवा मौजूद रहेगी, ऐसी स्थिति में अगर आप पेट्रोल भरवाते हैं तो पेट्रोल की मात्रा आपको थोड़ी कम मिलेगी। ऐसे में टैंक के रिजर्व में आने तक का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि उससे थोड़ा पहले ही पेट्रोल भरवा लेना चाहिए। बेहतर यह होगा कि आप अपनी गाड़ी का आधा टैंक हमेशा भरा रखें।

पेट्रोल उसी पंप से भरवाएं जहां डिजिटल मीटर लगा हो
आपको पेट्रोल उसी पंप से भरवाना चाहिए जहां डिजिटल मीटर वाला पंप लगा हो। ऐसा इसलिए क्योंकि पुरानी पेट्रोल पंप मशीनों के जरिए आपकी गाड़ी में निश्चित मात्रा से कम मात्रा आने की संभावना ज्यादा रहती है। आप इसे धोखे को आसानी से पकड़ भी नहीं सकते हैं। इसलिए अगर आपने गौर किया हो तो देश में ऐसी मशीनों को लगातार हटाया जा रहा है और उनकी जगह डिजिटल मशीनें ले रही हैं।

मीटर तेज चलें तो समझे कुछ गड़बड़ है
अगर आपने कभी गौर किया हो तो कुछ पेट्रोल पंप पर मशीनों में गड़बड़ कर धांधली की जाती है। मसलन आपने पेट्रोल ऑर्डर किया हो और आपकी तरफ से बताई गई पेट्रोल की मात्रा के लिहाज से मीटर काफी तेज चल रहा हो तो समझ लीजिएगा कुछ गड़बड़ है। ऐसे में आप पेट्रोल पंप कर्मी से मीटर की स्पीड कम करने को कह सकते हैं। 

By Sanjay Pokhriyal