संसद में गूंजा पश्चिम एशिया संकट का मुद्दा, विदेश मंत्री के बयान को बताया नाकाफी; स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही
लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट और पेट्रोल कीमतों पर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष विदेश ...और पढ़ें

संसद में गूंजा पश्चिम एशिया संकट का मुद्दा(फाइल फोटो)
HighLights
पश्चिम एशिया संकट और पेट्रोल कीमतों पर संसद में हंगामा
विपक्ष ने विदेश मंत्री के बयान को अपर्याप्त बताया
हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हुई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में पहले से स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्ष की ओर से पश्चिम एशिया की स्थिति और पेट्रोल कीमतों में वृद्धि से संबंधित मुद्दे पर नोटिस दिया गया, जिसे अस्वीकार करने पर हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष का कहना था कि विदेश मंत्री का बयान पर्याप्त नहीं है। इस मुद्दे पर विशेष चर्चा होनी चाहिए।
विपक्षी सदस्य वेल में आकर तख्तियों के साथ हंगामा और नारेबाजी करने लगे, जिससे कार्यवाही को अगले दिन तक स्थगित करना पड़ गया।
देश के नागरिकों और ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में सरकार की ओर से पश्चिमी एशिया के हालात पर बयान दिया। विपक्ष के हंगामे पर बोले नड्डा, चर्चा नहीं सिर्फ अराजकता चाहता है विपक्ष।
विपक्ष की ओर से राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पश्चिमी एशिया के हालात पर अल्पकालिक चर्चा चाहते थे। विदेश मंत्री के बयान के दौरान उनकी पार्टी सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, जिस पर नेता सदन नड्डा ने इसे गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय बताया।
तेज करनी होगी रीयल वर्ल्ड इकोनॉमी से एजुकेशन सिस्टम को जोड़ने की प्रक्रिया: पीएम मोदी
बजट वेबिनार में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक दशक में देश के माइंडसेट बहुत बड़ा बदलाव आया है और नई पीढ़ी का यह माइंडसेट देश की सबसे बड़ी ताकत है।
पीएम ने जन आकांक्षाओं की पूर्ति को सरकार का संकल्प बताते हुए शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे सेक्टर पर विशेष जोर दिया।
महायुद्ध का असर
कच्चे ताल के दाम सौ डॉलर के पार जाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा- भारतीय महंगाई पर इसका बहुत सीमित असर होगा। अभी घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुई है बढ़ोतरी।
कच्चे तेल में बढ़ोतरी से डालर के मुकाबले रुपये अपने न्यूनतम स्तर के पास।निवेशकों को अब सोना-चांदी भी नहीं लग रहा है अच्छा
