नई दिल्ली, पीटीआइ। बढ़ते मामलों को काबू में करने के लिए कई राज्यों ने हफ्ते के आखिरी एक-दो दिन कर्फ्यू लगाने की नीति अपना ली है। ज्यादातर राज्यों में शनिवार या रविवार या फिर दोनों ही दिन पूर्ण बंदी रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों से शनिवार और रविवार को बाजार पूरी तरह से बंद रखे जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पहले एक दिन छोड़कर दुकानें खोलने के आदेश दिए थे। बाद में उसे बदलकर पांच दिन कर दिया गया। अब सोमवार से शुक्रवार तक दुकानें खुलती हैं और दो दिन बंद रहती हैं।

इसी तरह उत्तराखंड ने भी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में हफ्ते के आखिरी दिन कर्फ्यू लगाना शुरू किया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार और मणिपुर ने 16 से 23 जुलाई के बीच पूरे राज्य में लॉकडाउन लागू किया था। त्रिपुरा सरकार ने भी सोमवार से तीन दिन की बंदी रखी थी। मध्य प्रदेश में भी सरकार ने राजधानी भोपाल में 10 दिन की पूर्ण बंदी रखी थी।

कोरोना से सबसे बुरी तरह से प्रभावित महाराष्ट्र के नागपुर में स्थानीय प्रशासन ने शनिवार और रविवार को स्वैच्छिक जनता कर्फ्यू का एलान किया है। इस दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाएं ही संचालित होंगी। कोरोना के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। लेकिन अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो सख्ती से साथ कफ्र्यू लागू किया जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि वह आर्थिक गतिविधियों के लिए राज्य में पूरी तरह से पाबंदियों को हटाने के पक्ष में नहीं है। बता दें कि राज्य के कई हिस्सों में सख्त प्रतिबंध लगे हैं। इसी तरह नगालैंड की राजधानी कोहिमा में 31 जुलाई तक पूर्ण पाबंदी लगी हुई है। रविवार से दीमापुर में पाबंदी लगाने का एलान किया गया है, जो दो अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में भी ज्यादा मामलों वाले जिलों और इलाकों में सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। 

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