नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो।  दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में शुक्रवार को आसमान साफ रहा। दिनभर तेज धूप खिली रही। कहीं-कहीं सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी भी देखने को मिली। हालांकि, तापमान नियंत्रण में ही रहा। दिल्ली की ही बात करें तो अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 36.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दूसरी तरफ पिछले 24 घंटे के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज और धूल भरी तेज हवा देखी गई। न्यूनतम तापमान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में चार से पांच डिग्री तक गिर गया है। उप-हिमालयी बंगाल, गंगीय बंगाल, असम और केरल आदि राज्यों के कई हिस्से में भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, विदर्भ के कुछ हिस्सों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, झारखंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और कश्मीर के ऊपर बना हुआ है। ईरान के पूर्वी हिस्सों में भी एक और पश्चिमी विक्षोभ है। पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं चक्रवाती हवा का एक क्षेत्र मध्य प्रदेश के मध्य भाग में है। इससे एक निम्न दबाव की रेखा झारखंड तथा बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों तक जा रही है। चक्रवाती हवा का एक क्षेत्र उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर है और एक निम्न दबाव की रेखा यहां से दक्षिण केरल तक जा रही है।

24 घंटे में यहां बारिश होने की उम्मीद

अगले 24 घंटों के दौरान उप-हिमालयी बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है। पश्चिमी हिमालय, शेष उत्तर पूर्व भारत, झारखंड, बिहार, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, ओडिशा, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी तेज हवा भी चल सकती है।