नई दिल्ली, एजेंसी। देखा जाए तो पूरे देश में बारिश का जोर है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में बेशक बारिश ना हो रही हो, लेकिन यहां भी मौसम हर थोड़ी देर में चेंज हो रहा है। गर्मी से लोगों को राहत है, लेकिन कई इलाकों में धूप काफी तेज है। दिल्ली-NCR में भी बारिश की कमी से लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) द्वारा अपनी वेबसाइट पर 9 सितंबर से लेकर 13 सितंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसमें कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में तकरीबन सभी राज्यों के लिए बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD द्वारा पश्चिम मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा को लेकर बहुत भारी वर्षा की आशंका लगाई है।

साथ ही कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, सौराष्ट्र-कच्छ, तटीय-दक्षिण कर्नाटक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

वज्रपात(आकाश से बिजली गिरना) के साथ आंधी
वहीं, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल-सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और मिज़ोरम-त्रिपुरा में वज्रपात के साथ आंधी की भी आशंका लगाई गई है। यहां हवाएं 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी।

स्काईमेट के मुताबिक
मौसम से जुड़ी जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मुंबई में भी मध्यम स्तर की बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा एजेंसी ने छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी हल्की से भारी बारिश अगले 24 घंटो के दौरान होने की संभावना जताई है। जानते हैं राज्यों का हाल

राजस्थान में मानसून अब अंतिम दौर में
राजस्थान में मानसून अब अंतिम दौर में पहुंच गया है, लेकिन इस बार मानसून ने जमकर कृपा बरसाई है। राज्य के तीन जिले प्रतापगढ़, बूंदी और झालावाड़ में एक हजार मिलिमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि राज्य का औसत 537 मिलिमीटर (21 इंच) का है।

राज्य के बांधों में भी भरपूर पानी आया है और कुल भराव क्षमता का 81 प्रतिशत पानी अब तक आ चुका है। राजस्थान में पिछले वर्ष रहे कमजोर मानसून की कसर इस बार निकल गई है। राज्य में इस बार बारिश देर से आई, लेकिन ज्यादातर जिलों में जमकर बरसी।

पूर्वांचल U.P में मिली राहत
पूर्वांचल में मौसम का रुख दोबारा बदला हुआ नजर आ रहा है। उमस के बीच बादलों की आवाजाही अब बूंदाबांदी भी करा रही है। सोमवार की सुबह बादलों की आवाजाही के बीच मौसम खुशनुमा बना रहा। कुछ जगहों पर सुबह बूंदाबांदी भी दर्ज की गई, दोपहर तक धूप छांव का सिलसिला चलता रहा।

हालांकि दाेपहर बाद आसमान काले बादलों के कब्‍जे में आ गया और झूमकर काफी देर तक बरसात होती रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले सप्‍ताह भर तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बादल बारिश भी करा सकते हैं। बता दें कि उत्तरप्रदेश में कई जिलों से लोगों के बिमार होने की भी खबर सामने आई है। इसके पीछे मौसम का बिगड़ना, उमस भरी गर्मी को कारण बताया जा रहा है।

उड़ीसा में Alert
मौसम विभाग ने शनिवार को संबलपुर समेत बरगढ़, झारसुगुड़ा और सोनपुर जिला के लिए चौबीस घंटे का रेड अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट के जारी होने से पहले ही संबलपुर में मूसलाधार बारिश शुरू हो चुकी थी। इस बारिश से शहर के गोलबाजार इलाके में एक और मोतीझरन इलाके में तीन घर ढह गए।

ऐसे में इलाके के 90 लोगों को आश्रय केंद्र में भेजा गया। प्रधानपाड़ा, मोतीझरन, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कई घरों में पानी घुस गया। संबलपुर रेल स्टेशन के सामने चौक समेत लक्ष्मी टॉकीज चौक, एसआरआइटी कॉलोनी में घंटों जलजमाव देखा गया।

हिमाचल प्रदेश में धीमा पड़ा मानसून
हिमाचल प्रदेश में 14 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और गर्जन का पूर्वानुमान लगाया है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश में मानसून की चाल अब धीमी पड़ने लगी है। अब दो से तीन दिन बाद ही कहीं-कहीं पर बारिश हो रही है।

ऐसे में बढ़ती गर्मी और उमस से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मौसम विभाग ने मंगलवार से प्रदेश में बारिश होने की संभावना जताई है। सोमवार को भी कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं।

दिल्ली-NCR का मौसम देगा झटका
दिल्ली- NCR (national Capital Region) में झमाझम बारिश की उम्मीद छोड़ दीजिए। हल्की-फुल्की भले हो जाए, लेकिन अब तेज बारिश नहीं होने वाली। मानसून दिल्ली को आधा-अधूरा भिगोकर ही रुखसत होने को है। इस साल मानसून के किसी भी महीने में सामान्य बारिश तक नहीं हुई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि इस सप्ताह भी अच्छी बारिश होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के मुताबिक जून से सितंबर के मध्य चार माह मानसून की बारिश होती है, लेकिन 8 सितंबर तक यह 34 फीसद कम चल रही है।

बिहार का मौसम पूर्वानुमान
बंगाल की खाड़ी में हवा का निम्न दाब बनने से मानसून कमजोर ही सही, लेकिन सक्रिय हुआ है। इसके कारण अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान औसतन औसतन आठ किलोमीटर की गति से पूर्वा हवा भी चलेगी।

बीएयू मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी प्रो. बीरेंद्र कुमार ने कहा कि अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में भी एक दो डिग्री सेल्सियस तक कि गिरावट आने की संभावना है। बारिश हुई तो खेती-किसानी के लिए यह वरदान साबित होगी।

वज्रपात(आकाश से बिजली गिरना) से ऐसे बचें

  • पेड़ के नीचे न खड़े हों।
  • बिजली के खंभों और वृक्षों से दूर रहे।धात्विक वस्तुओं से भी दूरी बनाए रखें।
  • विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।मोबाइल व टेलीफोन का उपयोग नहीं करें।
  • जंगल में होने पर निचले स्थान या घाटी क्षेत्र में रहे।
  • किसी पहाड़ी की चोटी पर खेड़ न रहें।
  • किसी जल स्त्रोत में तैर या नहा रहे हैं तो उससे निकल कर भूमि पर आ जाएं।
  • यदि आपके सिर के बाल खड़े हो रहे हो तो आपके आसपास खतरा हो सकता है, किसी अनहोनी से बचने के लिए अपने हाथों से बालों को ढ़क कर सिर को घुटनों में छुपा लें।
  • वज्रपात से बचाव के लिए तड़ित चालक लगे भवनों, सार्वजनिक इमारतों में रहना चाहिए।

Posted By: Nitin Arora

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