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उत्तर भारत में जारी सर्दी का कहर: कश्मीर-हिमाचल में भारी बर्फबारी, दिल्ली-यूपी में बारिश का अलर्ट

Published: Thu, 22 Jan 2026 05:30 AM (IST)Updated: Thu, 22 Jan 2026 06:56 AM (IST)

भारत मौसम विभाग के अनुसार, एक तीव्र वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तरी भारत में मौसम ने करवट ली है। ...और पढ़ें

दिल्ली यूपी के लोगों को अगले 2-3 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है (फोटो- एएनआई)

दिल्ली यूपी के लोगों को अगले 2-3 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. दिल्ली यूपी के लोगों को अगले 2-3 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है

  2. राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश संभव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत मौसम विभाग के अनुसार, एक तीव्र वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तरी भारत में मौसम ने करवट ली है। हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-तूफान का दौर शुरू हो चुका है। कश्मीर, हिमाचल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों को आज और अगले 2-3 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कश्मीर और हिमाचल में भारी बर्फबारी का दौर

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 22 और 23 जनवरी को व्यापक बारिश/बर्फबारी के साथ कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की संभावना।
  • हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में 23 जनवरी को भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी। कई इलाकों में 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी।
  • सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पर्यटकों और यात्रियों को सावधानी बरतने की अपील।

दिल्ली-NCR और यूपी में बारिश-गरज का असर

 

  • दिल्ली में आज सुबह धुंध/कोहरा रहा, लेकिन शाम तक हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो सकती है। गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की हवाओं का येलो अलर्ट।
  • न्यूनतम तापमान 6-8°C, अधिकतम 24-26°C के आसपास। बारिश के बाद ठंडक में बढ़ोतरी संभावित।
  • उत्तर प्रदेश में पश्चिमी भागों (22-24 जनवरी) और पूर्वी यूपी (23-24 जनवरी) में हल्की-मध्यम बारिश। कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) का खतरा।
  • ट्रैफिक जाम, उड़ानें विलंबित होने और खुले में काम करने वालों के लिए सतर्कता जरूरी।

अन्य प्रभावित राज्य

  • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 22-23 जनवरी को हल्की-मध्यम बारिश और गरज।
  • राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश संभव।
  • पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने से न्यूनतम तापमान जीरो के आसपास या नीचे जा सकता है।