नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। उमस भरी गर्मी झेल रहे एनसीआर के साथ उत्तरी राज्यों के लोगों को अचानक राहत मिली है। मानसून के आखिरी चरण में सक्रिय रहने से मौसम ने करवट ली है, जिससे यहां का उच्चतम तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। इससे लोगों को बहुत जल्दी ही गरमी में सर्दी का एहसास होने लगा है। मानसून की बारिश पूरे सितंबर माह में सक्रिय रहेगा, जिससे तापमान और नीचे आ सकता है।

मानसून सीजन में आमतौर पर सबसे ज्यादा बारिश झेलने वाला पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार सूखे की भेंट चढ़ रहा था। लेकिन लौटने से पहले पिछले चार दिनों से वहां मानसून की जबर्दस्त बारिश हो रही है। कई जिलों में नदियों में बाढ़ आ गई है। पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन चार दिनों तक भारी से मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं। इससे तापमान नीचे आ गया है। 19 सितंबर की रात को जारी बुलेटिन के मुताबिक पंजाब व पश्चिमी मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेंटीग्रेट तक नीचे आ गया है।

जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान औसत से 3 डिग्री सेंटीग्रेट नीचे दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकतम तापमान में कमी आने से मौसम में ठंड महसूस होती है। दूसरी ओर न्यूनतम तापमान में भी कई जगहों पर 1.6 से 3 डिग्री सेंटीग्रेट तक कमी आई है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 20 सितंबर से 24 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार में भारी बारिश होगी। ये राज्य अब तक मानसून की बेरुखी के शिकार होने की वजह से सूखे की चपेट में थे। लेकिन अब यहां के लोगों को उमस भरी गरमी से निजात मिली है।

वैसे समूचे देश में मानसून की जबर्दस्त बरसात ने मौसम में समय से पहले ठंड ला दी है। मौसम विभाग का कहना है कि 24 और 26 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव वाला क्षेत्र कई और राज्यों में भारी बारिश ला सकता है। उत्तरी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जबर्दस्त बरसात की संभावना है।

Posted By: Nitin Arora

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