नई दिल्ली, जेएनएन/एजेंसियां। मकर संक्राति के बाद उत्तर भारत में ठंड और बढ़ गई है। एक तरफ जहां पहाड़ों में लगातार हो रहे हिमपात ने जिंदगी की रफ्तार रोक दी है। वहीं, दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के सभी राज्यों में कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की मानें तो रविवार को भी घना कोहरा रहने की आशंका है लेकिन सोमवार से ठंड से थोड़ी राहत मिलनी शुरू होगी। दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी।

हिमाचल में 22 के बाद बारिश-हिमपात

हिमाचल में 22 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश और हिमपात की संभावना है। शुक्रवार को चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ था, इससे शनिवार को मैदानी इलाकों में कम धुंध पड़ी। मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह का कहना है कि प्रदेश के सात जिलों सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी व कांगड़ा में धुंध सुबह दो-तीन घंटे रहने के बाद छंट जा रही है। कुछ स्थानों पर सुबह करीब 10 बजे सूरज की किरणें धरती पर पड़ रही हैं।

मौसम में रहेगा उतार चढ़ाव

वहीं मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्‍काइमेट वेदर ने कहा है कि उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार पर उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं की रफ्तार में कुछ कमी आ सकती है। हवाओं की गति कम होने के चलते 17 जनवरी को उत्‍तर भारत के इन इलाकों में सर्दी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि 18 जनवरी से फिर परिस्थितियां सर्द हवाओं के अनुकूल हो जाएंगी।

कोहरे की चादर में दिल्‍ली

शनिवार को तापमान में गिरावट के साथ दिल्ली को कोहरे की चादर ने लपेट लिया। ऐसे में दृश्यता 50 मीटर तक रही। बता दें कि शनिवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कश्‍मीर में 20 जनवरी तक मौसम शुष्‍क रहेगा

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, कश्मीर में 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा। कश्मीर घाटी में इस समय तापमान जमाव बिंदु से नीचे चलने, और जम्मू संभाग में घने के कोहरे से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जम्मू में कोहरे के कारण शनिवार को यहां आने वाली चार उड़ानें रद रहीं। लद्दाख में भी जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। श्रीनगर में शनिवार को न्यूनतम तापमान माइनस 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे डल झील सहित कई जलस्रोत जम गए हैं।

90 फीसद बिजली उत्पादन बंद

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में भारी बर्फबारी से बिजली का संकट गहरा गया है। बारामुला में स्की-रिसार्ट गुलमर्ग में रात का तापमान शून्य से 5.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। हिमपात व कड़ाके की ठंड के कारण प्रदेश के अधिकतर जलस्रोतों के सूखने व जम जाने से करीब 90 फीसद बिजली उत्पादन बंद हो गया है। अगर जनवरी में और बर्फबारी होती है तो बिजली उत्पादन और गिर सकता है।

पड़ोसी राज्‍यों से हो रही खरीद

जम्मू-कश्मीर में बिजली की मांग पूरी करने के लिए इस समय पड़ोसी राज्यों व राष्ट्रीय स्तर से बिजली की खरीद हो रही है। बता दें कि मौजूदा समय में राज्य में एनएचपीसी की विभिन्न परियोजनाओं में 2457.96 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। वहीं, प्रदेश सरकार की करीब एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता करीब 1246 मेगावाट है। राज्य में प्रतिदिन बिजली खपत करीब 2600 मेगावाट है। इसके बावजूद बर्फबारी के बाद इन बिजली परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित होने से 90 फीसद बिजली बाहर से खरीदनी पड़ रही है।

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