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मौसम का डबल अटैक: लू की चपेट में दिल्ली-यूपी-बिहार, केरलम-तमिलनाडु में बारिश की फुहार

Published: Sun, 17 May 2026 05:25 PM (IST)Updated: Sun, 17 May 2026 07:27 PM (IST)

देश में मौसम इस समय दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है, जहां उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू की ...और पढ़ें

कहीं भीषण गर्मी का प्रकोप, कहीं आंधी-बारिश (फोटो-एएनआइ)

कहीं भीषण गर्मी का प्रकोप, कहीं आंधी-बारिश (फोटो-एएनआइ)

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संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में मौसम इस समय दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है तो दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है।

उत्तर भारत के राज्यों में राहत का दौर फिलहाल खत्म हो गया है। अगले पांच से सात दिनों तक यह इलाका भीषण गर्मी की चपेट में आने वाला है।

45-डिग्री के पार जाएगा पारा

भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के अनुसार 18 से 22 मई के बीच उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का प्रकोप और तेज हो सकता है।

दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।

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दक्षिण भारत में मानसून

दक्षिण भारत में भी मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो गई हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरलम पहुंच सकता है, जो सामान्य समय से पहले की स्थिति मानी जा रही है।

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IMD ने दी चेतावनी

आइएमडी ने राजस्थान में 21 और 22 मई को गंभीर लू की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी लू चलने की चेतावनी है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मई के दूसरे पखवाड़े में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे बिजली की मांग, जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम तेजी से बढ़ सकते हैं। खासकर दोपहर का समय सबसे अधिक जोखिम भरा माना जा रहा है

दिल्ली में अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि आंशिक बादल और तेज सतही हवाओं के कारण शाम के समय कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। बावजूद गर्म हवाओं के कारण तापमान अपनी वास्तविकता से अधिक महसूस हो सकता है।

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उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में गर्मी का असर सबसे ज्यादा कृषि और श्रम आधारित गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है। खेतों में खड़ी गर्मी की फसलें और पशुधन भी इस तापमान से प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी संकेत दे रही है कि जलवायु परिवर्तन अब सीधे तौर पर मौसम के चरित्र को प्रभावित कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में लू की अवधि और तीव्रता दोनों बढ़ी हैं।

उत्तर भारत के राज्यों से अलग बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम का दूसरा रूप दिख सकता है। वहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।

पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। इससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

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