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मुंबई: 'दोबारा आए तो ड्रग्स केस में फंसा दूंगा', CJP प्रोटेस्ट में छात्रों को धमकाने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड

Published: Thu, 23 Jul 2026 01:53 PM (IST)Updated: Thu, 23 Jul 2026 02:24 PM (IST)

मुंबई में CJP के छात्र प्रदर्शनों के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा छात्रों को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का वीडियो वायरल हुआ है।

HighLights

  1. पुलिसकर्मी ने छात्रों को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी।

  2. मुंबई कांग्रेस ने वायरल वीडियो पर सवाल उठाए।

  3. मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर पुलिसकर्मी को हटाया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई में CJP के नेतृ्त्व में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर मुंबई पुलिस के रवैये पर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई कांग्रेस द्वारा X पर पोस्ट किए गए एक वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी छात्रों को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता दिख रहा है।

पिछले कुछ दिनों से शिवाजी पार्क, चेंबर और आजाद मैदान जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक प्रदर्शन कर रहे हैं।

वायरल वीडियो पर उठे सवाल

वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस वैन में युवाओं का एक समूह दिख रहा है, जिन्हें विरोध स्थल से हिरासत में लिया गया था। आगे की सीट पर बैठा वर्दीधारी पुलिसकर्मी उन्हें घर जाने और विरोध में वापस न आने की हिदायत देता सुनाई दे रहा है।

वीडियो में पुलिसकर्मी कहता है कि अगर तुम लोग यहां दोबारा दिखे तो मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। इसके बाद पुलिसकर्मी धमकी देते हुए कहता है कि मैं तुम्हारे बैग में 50-50 ग्राम पाउडर डाल दूंगा और तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी।

इसके बाद पुलिसकर्मी कहता है कि प्रदर्शनकारियों की वजह से उसकी जिंदगी मुश्किल हो गई है।

कांग्रेस ने वीडियो पोस्ट कर किए सवाल

मुंबई कांग्रेस ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, अगर यह सच है, तो यह न केवल छात्रों को डराने-धमकाने की कोशिश है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, न कि धमकियों से।

घटना का संज्ञान लेते हुए मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के नतीजे आने तक वर्दी में दिख रहे पुलिसकर्मी को उसकी मौजूदा पोस्टिंग से हटा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पर लगे अन्य आरोप

छात्रों के विरोध को रोकने के लिए मुंबई पुलिस के तरीकों की भी आलोचना हो रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस डिजिटल ट्रैकिंग और उनके घर जाकर उन पर दबाव बना रही है। जिन प्रदर्शनकारियों के नाम पहले से FIR में हैं या जिन्हें कानूनी नोटिस भेजे गए थे, उन्होंने बताया कि उन्हें स्थानीय थानों से सीधे फोन कॉल और व्हाट्सएप पर मैसेज मिले।

वेरिफाइड स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि सीनियर अधिकारियों ने लोगों को घर पर रहने और अपनी व्हाट्सएप लाइव लोकेशन लगातार शेयर करने के निर्देश दिए है।

इसके अलावा सुबह-सुबह मैसेजिंग ऐप के जरिए BNSS की धारा 35(3) के तहत डिजिटल कानूनी नोटिस भेजे गए, जिनमें लोगों को पहले की सभाओं के संबंध में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है।