रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को कांग्रेसी नेताओं पर हुए नक्सली हमले के बाद रविवार को रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रामकृष्ण अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। यहां पर नक्सली हमले में घायल हुए करीब पंद्रह मरीज भर्ती हैं। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज कराए जाने का भी भरोसा दिया। पीएम ने कहा कि इन कुर्बानियों को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा।

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मनमोहन सिंह ने कहा कि नक्सलियों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष हमले की घटना के बाद शनिवार को ही रायपुर पहुंच गए थे। उन्होंने भी अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इससे घबराने वाली नहीं है, बल्कि वह अपनी पूरी ताकत के साथ मुहिम को लगातार आगे बढ़ाएगी। राहुल रविवार को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के घर भी गए और उनके परिवार को सांत्वना दी।

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हमले के खिलाफ आज यहां पर कांग्रेस ने बंद का आह्वान किया है। आज जगह-जगह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए। इसके अलावा प्रदेश के गवर्नर भी घायलों का हाल जानने रविवार को अस्पताल पहुंचे।

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को केंद्र सरकार की लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते ही नक्सली ऐसा करने में सफल हो सके। वहीं भाजपा अध्यक्ष ने भी इस हमले की तीखी निंदा की है। भाजपा ने नक्सली खतरे से निपटने के लिए आक्रामक एकीकृत रणनीति बनाने की अपील की है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इसको अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। अनंत कुमार ने कहा कि पूरे देश को एक साथ खडे होकर संकल्प लेना चाहिए कि नक्सल समस्या और हिंसा को हम अपनी मातृभूमि से उखाड फेंकेंगे।

गौरतलब है कि बस्तर जिले में गए कांग्रेसी नेताओं पर करीब बारह सौ नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में अभी तक 27 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। पीएम ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को पचास हजार रुपये देने की बात कही है।

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