नई दिल्ली जागरण ब्यूरो। दिल्ली में सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस में तेज हो रही सिर फुटौव्वल रोकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सामने आना पड़ा है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और इस दफा कांग्रेस की दिल्ली चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रहे अजय माकन के बीच शुरू हुए आरोप - प्रत्यारोप पर कांग्रेस अध्यक्ष ने दखल देकर सार्वजनिक बयानबाजी से वरिष्ठ नेताओं को दूर रहने को कहा है। माकन की शिकायत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को बयान जारी करना पड़ा है।

विधानसभा चुनाव में भी बुरी हालत के बावजूद कांग्रेस पूरी तरह बंटी नजर आई थी। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने तो अपना टिकट तक वापस कर दिया था। वहीं शीला दीक्षित गुट ने तो चुनाव से खुद को पूरी तरह दूर कर लिया था। दिल्ली में हार के बाद माकन ने बिना नाम लिए नतीजों के लिए शीला दीक्षित की डेढ़ दशक की सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया था। माकन ने कहा था कि जब भी जनसंपर्क के दौरान जनता से सस्ती बिजली-पानी देने की बात करते हैं तो उनसे पिछले 15 वर्षो के बारे में सवाल पूछा जाता है। उन्होंने साथ ही जोड़ा था कि पार्टी अपनी ही सरकार के बोझ से दब गई।

बृहस्पतिवार को शीला दीक्षित ने माकन पर पलटवार किया। शीला ने कहा कि माकन चुनाव अभियान के प्रमुख थे, उन्हें आक्रमक तरीके से प्रचार करना चाहिए था। माकन को पार्टी द्वारा किए गए कार्यो को जनता के सामने ठीक से पेश करना था। हमारी रणनीति में कमी रही। पार्टी का मनोबल गिरा हुआ था। अजय माकन के बारे में क्या कहूं? मुझे उन पर तरस आ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, शीला के इस बयान के बाद माकन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से शिकायत की। माकन के खेमे से यह भी कहा गया कि दरअसल चुनाव उसी दिन हार गए थे, जिस दिन शीला ने आप को समर्थन की बात कही थी। लोगों ने कांग्रेस को छोड़कर सीधे आम आदमी पार्टी को वोट दे दिया। लड़ाई सड़कों पर आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दखल दिया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि दिल्ली हार को लेकर वरिष्ठ नेता सार्वजनिक बयानबाजी न करें।

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Posted By: Jagran News Network

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