नई दिल्ली, एएनआइ। सरकार को कोरोना संक्रमण के मामलों का पता लगाने और इससे बचाव के लिए कई कदम उठाने की जरूरत है। रैंडम टेस्टिंग भी ऐसा ही एक जरूरी कदम है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स के मीडिया सेल चेयरमैन डॉ. रवि मलिक ने मंगलवार को यह बात कही।

 'लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं, यह कोरोना संक्रमण के मामलों पर निर्भर करेगा

डॉ. मलिक ने कहा, 'लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं, यह कोरोना संक्रमण के मामलों पर निर्भर करेगा। अगर सरकार रणनीतिक तौर पर लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का फैसला लेती है, तो यह अच्छा होगा। स्टेज तीन के खतरे से बचना बहुत जरूरी है।' 

अभी और कदम उठाने की जरूरत है

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत ने लॉकडाउन के मामले में बहुत सक्रियता से फैसला लिया है, लेकिन देश को बचाव के लिए और भी कदम उठाने की जरूरत है।

डॉ. मलिक ने कहा- बड़ी संख्या में जांच करने की जरूरत, रैंडम टेस्टिंग करने की जरूरत

डॉ. मलिक ने कहा, 'लॉकडाउन के साथ-साथ हमें बड़ी संख्या में जांच भी करने की जरूरत है। हमें केवल कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की जांच नहीं करते रहना चाहिए, बल्कि रैंडम टेस्टिंग करने की जरूरत है। हमें सतर्कता बरतनी चाहिए और स्वच्छता के कदमों पर जोर देना चाहिए।

लोगों को घरों में बंद कर देने से काम नहीं चलेगा, तेजी से जांच जरूरी

यह जरूरी है कि सरकार क्वारंटाइन, आइसोलेशन और इलाज की व्यवस्था करे। कई कदम एक साथ उठाने होंगे। केवल लोगों को उनके घरों में बंद कर देने से काम नहीं चलेगा, अगर हमने तेजी से जांच नहीं की।'

मलिक ने कहा- दक्षिण कोरिया ने रैंडम टेस्टिंग के दम पर ही कोरोना पर नियंत्रण पा लिया

डॉ. मलिक ने कहा कि हमें दक्षिण कोरिया का उदाहरण देखना चाहिए जिसने रैंडम टेस्टिंग के दम पर ही कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण पा लिया। कई छोटे देश भी रोजाना करीब 20 हजार जांच कर रहे हैं।

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