वडोदरा, एएनआइ। गुजरात पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने वाला पहला राज्‍य बन गया है। यहां फ्यूल पर लगने वाले वैट में 4 फीसद की कमी की गई है। वैट में इस कमी के बाद गुजरात में पेट्रोल 2.93 रुपये और डीजल 2.72 रुपये सस्‍ता हो जाएगा। वैसे गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपानी ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी करने की घोषणा बीते बुधवार को ही कर दी थी।

दरअसल, पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। किसी-किसी राज्‍य में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में केंद्र सरकार पर पेट्रोलियम उत्‍पादों पर टैक्‍स कम करने का दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन केंद्र सरकार ने उल्‍टे राज्‍यों से ही अपील कर दी कि वे पेट्रोलिय उत्‍पादों पर लगने वाला वैट घटाएं, इससे पेट्रोल-डीजल की कीमत कम हो जाएगी।

हालांकि इससे पहले बुधवार को ही केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्‍पादों पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये कम कर ली थी। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम उत्‍पादों से एक्साइज ड्यूटी कम करते हुए कहा था, 'हमने एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। अब राज्यों की बारी है कि वे पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स से वैट कम से कम 5 प्रतिशत कम करें।' केंद्र की अपील पर ही गुजरात में पेट्रोलियम उत्‍पादों पर वैट में 4 फीसदी की कमी की गई है।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी तथा उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने पत्रकारों को बताया कि गुजरात सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए पेट्रोल व डीजल पर वसूले जा रहे वेट की दरों में 4 प्रतिशत की कमी कर दी है। इससे राज्य में पेट्रोल 2 रु 93 पैसे तथा डीजल 2 रु 72 पैसा सस्ता होगा। नई दरें मंगलवार रात 12 बजे से लागू होंगी, रुपाणी ने बताया कि अब गुजरात में पेट्रोल 67 रु 53 पेसा प्रति लीटर तथा डीजल 60 रु 77 पैसे प्रति लीटर मिलेगा। राज्य में पेट्रोल डीजल पर वेट की दें 24 प्रतिशत थीं, जिसे घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। रुपाणी ने बताया के केन्द्र की ओर से उत्पाद शुल्क करने से पेट्रोल के दाम पहले ही 60 पैसा कम हो गए थे अब राज्य की ओर से वेट कम करने से 2 रु 3 पैसा और सस्ता होगा। 

उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि गत वर्ष राज्य की तिजोरी में पेट्रोल डीजल पर कर से 12 हजार 840 करोड रुपये की आय हुई थी, वेट की दर घटाने से राज्य को 2 हजार 316 करोड रु का घाटा होगा। पटेल ने बताया कि भारत सरकार के उत्पाद शुल्क कम किए जाने के बाद राज्यों को 5 प्रतिशत तक वेट में कमी करने का निर्देश दिया गया था। पेट्रोल व डीजल आम जनता, किसान, कर्मचारी आदि उपयोग में लाते हैं, खेती में बडे पैमाने पर मशीन चालित इंजीनियरिंग साधन उपयोग में लिए जाते हैं। डीजल के दाम घटने से किसान व आम जनता को भी राहत मिलेगी। 

उन्होंने बताया राज्य परिवहन की बसों से रोज 24 लाख लोग यात्रा करते हैं, डीजल के दाम कम नहीं होते तो यात्री भाड़ा बढ़ाना पड़ता, लेकिन अब यात्रियों पर किराए का बोझ नहीं पड़ेगा। इसके अलावा स्थानीय निकाय के राजस्व खर्च में कमी के साथ माल ढुलाई खर्च में कमी आने से महंगाई पर भी अंकुश रहेगा। 

यह भी पढ़ें: CM नीतीश ने की मांग- बिहार में भी कम हों बेस प्राइस, घट जाएंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

Posted By: Tilak Raj

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस