नागपुर(जेएनएन)। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में शुक्रवार को मात्र नौ घंटे में 10 इंच से ज्यादा बारिश हो गई। संतरों का यह शहर पानी से सरोबोर हो गया। सुबह 8.30 से शाम 5.30 तक 265 मिमी पानी बरसा। इतना पानी बरसा कि नागपुर स्थित राज्य विस व विप भवन में पानी घुस गया। बिजली गुल हो गई और कार्यवाही रोक दी गई।
मौसम विभाग के उप-महानिदेशक जेआर प्रसाद ने बताया कि नागपुर में सर्वाधिक वर्षा 12 जुलाई 1994 को 24 घंटे में 304 मिमी (12 इंच) का रिकॉर्ड है। अगले 24 घंटे में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
1961 के बाद पहली बार मानसून सत्र नागपुर में
नागपुर में भारी बारिश के बाद महाराष्ट्र विधानसभा की बत्ती गुल हो गई। इस कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए ठप हो गई। नागपुर महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी मानी जाती है। यहां आमतौर पर ठंड में विस सत्र बुलाया जाता है। 1961 के बाद पहली बार यहां विस का मानसून सत्र बुलाया गया है।

गोवा के निचले इलाकों में बाढ़
गोवा में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भारी वर्षा हुई। राज्य के निचले इलाकों के घरों में पानी भर गया। सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पणजी, मापुसा, वास्को, मारगाओ में ट्रैफिक का दबाव रहा।

बाढ़ की आशंका वाले 14 राज्यों में एनडीआरएफ टीमें
देश के बाढ़ की आशंका वाले 14 राज्यों में राष्ट्रीय आपदा राहत दल (एनडीआरएफ) की टीमें पहुंच गई हैं। दल के 1385 जवानों को अरुणाचल, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, उप्र, उत्तराखंड व बंगाल में तैनात किया गया है।

 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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