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मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान, लगाए कैंप

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:44 PM (IST)

मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए राज्यों ने अभियान तेज कर दिए हैं।

मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान।

मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान।

HighLights

  1. एसआईआर के बाद छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियान तेज।

  2. चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्यों ने विशेष कैंप लगाए।

  3. पहले हफ्ते में आठ लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसआईआर पर बढ़े विवाद के बीच मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्यों ने अभियान तेज कर दिया है।

इस दौरान बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, बंगाल और तमिलनाडु सहित जिन 20 राज्यों में एसआईआर का काम पूरा हो चुका है, उन सभी ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगाए गए विशेष कैंप व छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के घर-घर जाकर की जा रही पड़ताल की ब्यौरा साझा किया है।

चुनाव आयोग के निर्देश पर एक अक्टूबर से शुरू हुई इस मुहिम के पहले ही हफ्ते में आठ लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से जोडने के लिए फार्म-6 भराए गए है।

आयोग के मुताबिक इस अभियान के दौरान राज्यों से कहा है कि कोई भी योग्य मतदाता का नाम छूटने न पाए।

इसके लिए 20 राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से विशेष जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही बीएलओ से उन मतदाताओं की नए सिरे से घर- घर जाकर जांच करने को सुनिश्चित करने को कहा है, जिनके नाम एसआईआर के दौरान अनुपस्थित पाए जाने के चलते हटा दिए गए थे। इसके साथ ही अभियान को सभी मतदाता केंद्रों पर चलाने के विशेष निर्देश दिए गए है।

गौरतलब है कि एसआईआर के दौरान अब तक करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के लग रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक अक्टूबर को एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

यह बात अलग है कि इनमें करीब तीन करोड़ मृत, छह करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, तीन करोड़ अनुपस्थित या नहीं मिले थे व एक करोड़ डुप्लीकेट मतदाता पाए गए है। इनमें बड़ी संख्या में मामले अभी अपील में लंबित है।