विशाखापत्तनम, एएनआइ। विशाखापत्तनम गैस लीक मामले में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने मंगलवार को एलजी पॉलीमर के सीईओ संकी जियोंग, निदेशक डीएस किम और अतिरिक्त निदेशक (ऑपरेशंस) पीपीसी मोहन राव समेत आठ अन्य आरोपितों को जमानत दे दी। इससे पहले पिछले महीने, पुलिस ने कहा था कि सीईओ और कंपनी के दो निदेशकों सहित 12 आरोपितों की न्यायिक रिमांड 5 अगस्त तक बढ़ा दी गई थी। आरोपितों को आठ जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। 

गौरतलब है कि घटना के 2 महीने बाद,विशेष मुख्य सचिव (पर्यावरण और वन) नीरभ कुमार प्रसाद की अध्यक्षता वाली हाई पॉवर कमेटी ने जुलाई में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस समिति गैस रिसाव के जवाब में उठाए जा रहे कदमों का भी जायजा लिया था। समिति में  केंद्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) के महानिदेशक एस के नायक, सीपीसीबी के क्षेत्रीय निदेशक भारत कुमार शर्मा,  डीजीएफएएसएलआइ के महानिदेशक आर के इलांगोवन और और आइआइपी देहरादून के निदेशक अंजन रे शामिल थे। 

गैस लीक हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी

गौरतलब है कि 7 मई को हुए इस गैस लीक हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में आसपास के गांवों के हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। करीब दो दर्जन लोगों की हालत गंभीर थी। कृत्रिम रबर बनाने में इस्तेमाल होने वाली गैस स्टीरीन के प्रभाव में आने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। यह हादसा तड़के ढाई बजे के करीब हुआ था, जब लोग सो रहे थे और वे इस गैस के प्रभाव में आ गए। आसपास के इलाकों में तेजी से गैस फैलने के कारण लोग नींद में ही बेहोश हो गए थे। जानवर और पक्षी भी इससे प्रभावित हुए थे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मामले संज्ञान लिया था और गैस रिसाव से हुए नुकसान के लिए एलजी पॉलिमर को 50 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिए थे।

 

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