आंध्र प्रदेश: स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान हिंसा, कई उम्मीदवारों पर हमले; पूर्व मंत्री को दिया धक्का
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के दौरान व्यापक हिंसा और झड़पें हुईं, जिसमें 45 घटनाएं दर्ज की गईं और नामांकन पत्र भी नष्ट किए गए।

पूर्व मत्री को रोकती हुईं पुलिस अधिकारी की तस्वीर। (सोशल मीडिया)
HighLights
आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव नामांकन में 45 हिंसक घटनाएं दर्ज।
नामांकन पत्रों को फाड़ा गया, कई लोग घायल हुए।
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बावजूद हिंसा जारी रही।
डिजिटल डेस्क, अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान जमकर हिंसा हुई। नामांकन के दौरान हुई इस हिंसा में 45 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए दो दिनों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा, झड़पों और नामांकन पत्रों को नष्ट किए जाने की 45 घटनाएं हुई हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को आठ जिलों में हिंसा की 14 घटनाएं हुई, जिससे दो दिनों में ऐसी घटनाओं की कुल संख्या बढ़कर 45 हो गई है। वहीं स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को 13 जिलों में कम से कम 31 स्थानों पर पथराव की खबरें हैं।
सुप्रीम कोर्ट की दखल के बावजूद हुई हिंसा
हैरानी की बात यह कि सुप्रीम कोर्ट की दखल के बावजूद हिंसा हुई है। इस हिंसा में विपक्ष के उम्मीदवार पर हमले, आगजनी और नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने के साथ उन्हें नष्ट करने की बात सामने आ रही है। पुलिस पर आरोप है कि एक एसआई ने चिलकलुरिपेट में नजरबंद पूर्व मंत्री व वाईएसआरसीपी नेता वी. रजनी को उम्मीदवार से मिलने नहीं दिया। वहीं रजनी ने बाहर निकलने की कोशिश की तो उनके साथ धक्कामुक्की की गई। इस वजह से वो गिर गईं।
टीडीपी कार्यकर्ता पर नामांकन रोकने का आरोप
इधर, गुट्टकल में पार्टी प्रभारी नैऋति रेड्डी किसी तरह नामांकन केंद्र पर पहुंचने में सफल रहीं। हालांकि इस दौरान उन्हें बुर्के का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने टीडीपी कार्यकर्ताओं पर नामांकन से रोकने का आरोप लगाया है।
पुलिस मामले की जांच शुरू की
पुलिस ने छह मामले दर्ज कर 54 लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को नामांकन के लिए कम से कम 48 घंटे अतिरिक्त समय देने और उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था।
