जासं (मधुबनी)। स्वच्छता की राह में अब कोई बाधा नहीं, क्योंकि महिलाएं प्रण ले चुकी हैं कि घर-घर में शौचालय बनेगा। इसका असर यह हुआ कि 60 घरों में शौचालय का निर्माण हो गया। कुछ और इस राह पर हैं। जी हां, स्वच्छ भारत के सपने को साकार कर स्वस्थ समाज के निर्माण में में जुटीं हैं भारत माता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। खुले में शौच से मुक्ति की दिशा में रहिका प्रखंड के भौआड़ा व राजनगर के मंगरौनी सहित आसपास के गांवों में समूह की महिलाओं के प्रयास का व्यापक असर दिख रहा है।

तेरह महिलाओं वाले इस समूह की सहेली रेणुका देवी के नेतृत्व में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से प्रेरित करीब 60 लोगों ने अपने घरों में शौचालय का निर्माण कराकर एक मिसाल कायम की है। समूह की महिलाएं स्वावलंबन के क्षेत्र में भी महिलाओं को नई राह दिखा रहीं हैं। सिलाई-कटाई सहित स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी ये महिलाएं अपनी अलग पहचान कायम कर रही हैं।

वर्ष 2016 से चल रहा जागरूकता अभियान : राजनगर व रहिका प्रखंडस्तरीय जीविका समूह से जुड़ी कुल 13 महिलाएं पवित्री देवी, उषा देवी, विमला देवी, लीला देवी, नीलम देवी, सीता देवी, अठूला देवी, लीला देवी, किरण देवी, विमला देवी वर्ष 2016 से प्रतिदिन करीब दो घंटे रांटी, भौआड़ा पंचायत के गांवों में घूम-घूमकर महिलाओं को शौचालय की अहमियत बताते हुए खुले में शौच से परहेज करने की सलाह दे रही हैं।

खुले में शौच से मिली मुक्ति
समूह की महिलाओं से प्रेरित रांटी व भौआड़ा पंचायत के गांवों में शौचालय का निर्माण कराने वाले रामजतन मंडल, फुलिया देवी, महेश महतो, जयशंकर कुमार, चन्द्रकांत चौधरी, ललन चौधरी, बलदेव मुखिया, हीरा प्रसाद आदि का कहना है कि समूह की महिलाओं की प्रेरणा से शौचालय निर्माण के बाद खुले में शौच से मुक्ति मिल गई है।

समूह की महिलाओं के अभियान से पांच दर्जन से अधिक लोगों ने शौचालय की अहमियत को समझते हुए इसका निर्माण कराया। अन्य लोगों को भी शौचालय निर्माण कराकर स्वच्छ भारत अभियान को बल प्रदान करने की दिशा में आगे आना चाहिए।- रामप्रीत पासवान, विधायक, राजनगर

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Posted By: Srishti Verma

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