नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। गब्बर सिंह के सिर पर सरकार ने 50 हजार का इनाम रखा था। वो इनाम इसलिए था, क्योंकि 50-50 कोस दूर रात को जब कोई बच्चा रोता था तो मां कहती थीं- सो जा बेटा, सो जा... वरना गब्बर सिंह आ जाएगा। ऐसे गब्बर सिंह नाम जिस कालिया ने मिट्टी में मिला दिया। तीन लोग होकर भी दो नौसीखियों से हारकर आ गए। 50 पर्सेंट ज्यादा होने के बावजूद हार गए, तो बॉस नाराज होंगे ही। ऐसे में रामगढ़ की वादियों में गब्बर सिंह की आवाज गूंज गई 'तेरा क्या होगा कालिया...' ये कालिया कोई और नहीं बल्कि विजू खोटे ही थे। विजू खोटे का सोमवार को 78 साल की उम्र में निधन हो गया।

तेरा क्या होगा कालिया

विजू खोटे यानि कालिया अब इस दुनिया में नहीं रहे। वैसे कालिया को तो गब्बर सिंह ने 1975 में ही भगवान के पास पहुंचा दिया था। विजू खोटे ने सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। अब कहानी को आगे बढ़ाते हैं। गब्बर ने पूछा - 'तेरा क्या होगा कालिया...?' कालिया ने बड़ी ही मासूमियत से जवाब दिया - 'सरदार मैंने आपका नमक खाया है...' कालिया की नमक हलाली के कायल तो कई मिल जाएंगे, लेकिन गब्बर को उस पर जरा भी दया नहीं आई... गब्बर ने तुरंत कहा - 'ले अब गोली खा...' कुछ देर की हंसी ठिठोली और भी ठांय-ठांय-ठांय... तीन डाकू जो गब्बर सिंह का नाम मिट्टी में मिला आए थे खुद भी मिट्टी में मिल गए।

गलती से मिस्टेक हो गया

ये डायलॉग लगता है विजू खोटे के लिए खास तौर पर लिखा गया था। कालिया के रूप में उन्होंने एक कुख्यात डाकू के साथ जो नमक हलाली की थी, उसका पश्चाताप इस डायलॉग में दिखता है। अब अगर दोनों डायलॉग को साथ रखकर पढ़ें तो शायद यह बात आप आसानी से समझ पाएंगे जो हम यहां कहना चाहते हैं। इन दोनों डायलॉग को ऐसे पढ़ें - 'सरदार मैंने आपका नमक खाया है... गलती से मिस्टेक हो गया।' क्यों है न खास तौर पर लिखा गया डायलॉग। वैसे बता दें कि 'गलती से मिस्टेक हो गया' डायलॉग फिल्म अंदाज अपना अपना का है, जिसमें विजू खोटे ने रॉबर्ट की भूमिका निभाई थी।

कालिया का कर्ज उतरा नहीं, गोलमाल रहा करियर

विजू खोटे कभी भी कालिया के अपने किरदार से बाहर निकल ही नहीं पाए। आज भी जिन लोगों को वह याद हैं, उनमें से ज्यादातर लोग उन्हें कालिया के कैरेक्टर के रूप में ही जानते हैं। 1964 से 2018 तक के अपने करियर में उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया, लेकिन इन दो भूमिकाओं के अलावा उन्हें बहुत कम ही पहचान मिली। हालांकि, इस लंबे करियर में उन्होंने रामपुर का लक्ष्मण, कुर्बानी, कर्ज, कयामत से कयामत तक, चाइना गेट, पुकार, हद कर दी आपने, खिलाड़ी 420, आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया, गरम मसाला, पेईंग गेस्ट, अजब प्रेम की गजब कहानी, अतिथि तुम कब जाओगे और गोलमाल-3 जैसी फिल्मों में भी काम किया।

Posted By: Digpal Singh

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