नई दिल्ली। मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग़ राजा गणपति पंडाल में दर्शन के लिए पहुंची युवती के साथ मुंबई पुलिस द्वारा किया गया अमानवीय बर्ताव के मामले में नया मोड़ आ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद उन दो महिला पुलिस को सस्पेंड कर दिया। वीडियो में दोनों महिला पुलिस द्वारा युवती को पीटते हुए दिखाया गया है।

युवती के साथ हुई बर्बरता के बाद कठघरे में खड़ी मुंबई पुलिस की मुश्किल और बढ़ सकती है। पीड़ित युवती ने मुंबई पुलिस पर नए आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि मुंबई पुलिस ने पंडाल से उसे और उसके परिवार को थाने ले जाकर लाठियों से मारा, देर रात तक प्रताड़ित करती रही।

''वीडियो में जो दिखा वो मेरे दर्द का आधा हिस्सा भी नहीं''

घटना के बाद मुंबई के मीरागेट की रहने वाली नंदनी गोस्वामी पहली बार मीडिया के सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि लालबाग़ राजा गणपति पंडाल में मेरे साथ हुए अमानवीय बर्ताव का वीडियो मेरे दर्द का एक छोटा सा हिस्सा है। पंडाल से ले जाने के बाद पुलिस ने थाने पर अपना असली चेहरा दिखाया। नंदनी के अनुसार पुलिस ने उसे और उसके परिवार को थाने ले जाकर लाठियों से पीटा। नंदनी की गर्दन पर, जांघ पर और पीठ पर पुलिस की लाठी के गहरे निशान भी हैं। देर रात तक पुलिस उन्हें प्रताड़ित करती रही। इससे भी मन नहीं भरा तो पुलिस ने 1200 रुपए का चालान भी काटा और रात के तीन बजे उन्हें भटकने के लिए छोड़ दिया।

''सच नहीं पचा सकी पुलिस और हुई हिंसक''

नंदनी ने बताया कि वो जब पांच साल की थी तब से लालबाग़ राजा गणपति पंडाल के हर साल दर्शन करती आ रही है। इस बार जब दर्शन करने आई तो उसके साथ जो हुआ वो मरते दम तक नहीं भुला पाएगी। नंदनी के अनुसार उसने पंडाल के वीआईपी गेट से आम लोगों को आते-जाते देखा। आरोप यह है कि वहां तैनात स्वयंसेवक लेनदेन के बाद लोगों को वीआईपी गेट से जाने दे रहे थे। नंदनी भी भीड़ से बचने के लिए वीआईपी गेट से जाने का प्रयास किया तो स्वयंसेवकों ने नंदनी और उसकी मां के साथ गलत बर्ताव किया, यहां तक की नंदनी की मां के कपड़े तक फट गए। नंदनी का आरोप है कि स्वयंसेवकों ने उसके और उसके परिवार को गाली भी दी। इसपर नंदनी भड़क गई और उसने भी स्वयंसेवकों को खरी-खोटी सुनाई। जब पुलिस वहां पहुंची तो बजाय नंदनी की मदद करने के स्वयंसेवकों का पक्ष लेने लगी और नंदनी को पीटते हुए थाने ले गई।

48 घंटे में जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने का आदेश

नंदनी के साथ हुई अमानवीय हरकत का वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर ने डिप्टी पुलिस कमिश्नर अशोक दूढ़े को जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। अशोख दूढ़े ने बताया कि जांच पूरी होते ही दोष किसका है सिद्ध हो जाएगा। दोष सिद्ध होने पर दोषी के पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नंदनी ने पुलिस को दी थी धमकीः मुंबई पुलिस

पूरी घटना सामने आने के बाद मुंबई पुलिस अलग राग अलाप रही है। मुंबई पुलिस का आरोप है कि नंदनी महिला कांस्टेबलों को धमकी दे रही थी कि वो ब्लैक बेल्ट चैंपियन है। मुंबई पुलिस का आरोप है कि नंदनी ने महिला पुलिस को गाली भी दी। कालाचौकी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया कि वीडियो में जो दिख रहा है वो घटना का आधा सच है। वीडियो में पुलिस के पक्ष में कुछ भी नहीं है।

मुंबई पुलिस ने दोहराई घटना

नंदनी के साथ लालबाग़ राजा में हुई बर्बरता को अभी कुछ घंटे ही बीते थे कि एक महिला पत्रकार भी पुलिस के बुरे बर्ताव का शिकार हो गई। तथाकथित पत्रकार पूनम अपराज ने बताया कि पंडाल के वीआईपी गेट पर पुलिस की अनदेखी को वे अपने कैमरे में कैद कर रही थीं। वीडियो बनाते पूनम को देख पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। पूनम का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पीटा, उनके कैमरे से वीडियो भी डिलीट करा दिया। इतना ही नहीं उन्हें मुंबई पुलिस एक्ट के तहत पूनम पर 1200 रुपए का जुर्माना भी किया गया। पूनम ने बताया कि थाने में वो और नंदनी एक साथ देर रात तीन बजे तक पुलिस की प्रताड़ना झेलते रहे।

Posted By: Gunateet Ojha