लखनऊ, जागरण टीम। अयोध्या में चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है तो वहीं साधु-संतों ने एलान किया है कि यात्रा होकर रहेगी। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल ने इलाहाबाद में फिर कहा कि चाहे जितनी भी रोक लगा दी जाए, धर्मगुरुओं की अगुवाई में परिक्रमा होगी।

अशोक सिंहल ने यात्रा को प्रदेश की समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम मतों के लिए की जा रही कवायद करार दिया। सिंहल ने परिक्रमा पथ पर प्रदेश सरकार द्वारा 21 बैरियर बनाने का दावा करते हुए कहा कि अयोध्या ही नहीं, अब शासन के इन बैरियर से सटे क्षेत्रों में कोई मुस्लिम स्मारक भी नहीं बनने दिया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि संतों ने अयोध्या की परिक्रमा का जो प्रण लिया है। जिसे पूरा कराने के लिए विहिप हर कुर्बानी देने को तैयार है।

अयोध्या से महज साठ किमी के फासले पर स्थित सुलतानपुर परिक्रमा के लिहाज से महत्वपूर्ण बन पड़ा है। यहां विहिप के परिक्रमा प्रभारी फतेहपुर संगत के महंत धर्मप्रकाश ने कहा बीस जिलों से संत-महात्मा इसी रास्ते से होकर अयोध्या जाएंगे। वे हमारे अतिथि रहेंगे और प्रशासन ने यदि उन्हें रोकने की कोशिश की तो कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अमेठी के बाबूगंज सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर अभय चैतन्य बाल ब्रह्माचारी मौनी महाराज भी मुखर हो उठे हैं। कहा कि आस्था से खिलवाड़ किया गया तो हम किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।

बनी सूची, कभी भी हो सकती है संतों की गिरफ्तारी

फैजाबाद में प्रशासन ने विहिप व भाजपा नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। जिले के कई विहिप व भाजपा पदाधिकारियों की सूची तैयार कर इनकी घेराबंदी की गई है। सूची में कई विहिप समर्थक संत व महंत भी शामिल हैं। देर रात या शनिवार की भोर से इनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। शनिवार को अयोध्या व फैजाबाद शहर को सील करने की योजना है। जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केबी सिंह के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने रूट मार्च निकाला। गिरफ्तारी के लिए ए, बी व सी श्रेणी के 300 लोगों सूची प्रशासन ने तैयार की है। इनमें 72 लोग ए श्रेणी के हैं, जिनकी घेराबंदी या निगरानी की जा रही है। गिरफ्तार लोगों को अस्थाई जेलों में निरुद्ध रखा जाएगा।

शांति व्यवस्था में खलल बर्दाश्त नहीं होगा: सपा

जाब्यू, लखनऊ। सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को बनाये रखने का संकल्प ले रखा है। इसमें खलल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उत्तार प्रदेश में अब विकास विरोधी, सांप्रदायिक तत्वों एवं भ्रष्टाचारियों के लिए जगह नहीं है। आरएसएस, भाजपा और विहिप जहां सांप्रदायिकता का उन्माद फैला रहे हैं, वहीं कांग्रेस अनर्गल और निराधार आरोपों के साथ बसपा-भाजपा के सुर में सुर मिला रही है।

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