मुंबई, प्रेट्र। भारतीय उद्योग जगत को पहचान दिलाने वाले चुनिंदा उद्योगपतियों में एक तथा सेंचुरी टैक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बसंत कुमार बिड़ला का बुधवार को मुंबई में देहांत हो गया। वे 98 वर्ष के थे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उद्योग जगत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

भारतीय उद्योग जगत की शीर्ष हस्तियों में शामिल बिड़ला को शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति लाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने बिट्स (पिलानी), बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल आ‌र्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंस, बीके बिड़ला सेंटर फॉर एजुकेशन (पुणे) बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (दिल्ली) तथा अशोक हॉल ग‌र्ल्स हाई स्कूल (कोलकाता) समेत दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भी स्थापित किए।

घनश्याम दास बिड़ला के सबसे छोटे पुत्र बीके बिड़ला ने केसोराम इंडस्ट्रीज का चेयरमैन रहते हुए भारतीय उद्योग जगत में कई नए शुरुआत किए। उन्होंने महज 15 वर्ष की अवस्था में कारोबार जगत में प्रवेश किया। उन्होंने कपास, पॉलिस्टर व नायलॉन धागे, कागज, शिपिंग, सीमेंट, चाय, कॉफी, रसायन व प्लाइवुड समेत कई अन्य उद्योगों पर फोकस किया और उन्हें नया मुकाम दिया। उम्र के चलते गिरती सेहत को देखते हुए उनके पोते कुमारमंगलम बिड़ला उन्हें मुंबई ले आए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बसंत कुमार बिड़ला शीर्ष उद्योगपति थे, जिन्होंने देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने समाजसेवी के तौर पर भी प्रसिद्धि पाई। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी देन जगजाहिर है। दुख की इस घड़ी में मेरी सांत्वना उनके परिजनों के साथ है।

Edited By: Dhyanendra Singh