नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। भारत में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने सरकार सहित सभी को डरा रखा है। इसके बाद भी कुछ लोगों के मन में वैक्‍सीन को लेकर उथल-पुथल मची हुई है तो कुछ ऐसे भी हैं जो इसको लगवाने से कतरा रहे हैं। ये हाल तब है जब सरकार और विशेषज्ञ लगातार इस बात को कह रहे हैं कि अपनी बारी आने पर वैक्‍सीन जरूर लें, इससे ही कोरोना संक्रमण की बढ़ती हुई चेन को तोड़ा जा सकता है।

आपको बता दें कि शोध के जरिए ये बात भी सामने आई है कि ये संक्रमण हवा के जरिए अधिक तेजी से फैल रहा है न कि संक्रमित सतह को छूने से। पूरी दुनिया में भारत फिलहाल एकमात्र ऐसा देश है जहां पर इसके सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। बीते 24 घंटों के दौरान देश में रिकॉर्ड 2,61,500 नए मामले इस बात का जीता जागता सुबूत हैं। 24 घंटों में देश में कोरोना से 1500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। कोरोना काल में इससे पहले सर्वाधिक मौत 16 सितंबर को दर्ज की गई थीं। बीते दो माह के दौरान देश में कोरेाना के सक्रिय मरीजों में 12 गुना तेजी आई है।

देश में बढ़ते मामलों केा देखते हुए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। पूरे देश में कई जगहों पर 24 घंटे टीकाकरण और टेस्टिंग की सुविधा दी गई है। इसके बाद भी लोगों का इससे दूर भागना समस्‍या की बड़ी वजह बनता जा रहा है। इसमें भी कोई शक नहीं है कि ऐसे समय में भी कई जगहों पर लोग बिना मास्‍क के घूमते दिखाई दे जाता हैं जो अपने अलावा दूसरों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। इस लापरवाही को रोकने के लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों ने कड़े नियम भी बनाए हैं।

वैक्‍सीन से कतराने वाले लोगों का कहना है कि जब इसको लगवाने पर भी लोग संकमित हो रहे हैं तो इसका फिर क्‍या फायदा है। इस सवाल का बेहद सीधा सा जवाब है कि कोरोना वैक्‍सीन न लगवाने वाले गंभीर संक्रमण के शिकार हो सकते हैं, जबकि वैक्‍सीन लेने वाले इसतरह के गंभीर संक्रमण से बच सकते हैं। दिल्‍ली स्थित एम्‍स के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि वैक्‍सीन से इस वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कहा है कि कोई भी वैक्‍सीन इस वायरस पर सौ फीसद कारगर नहीं है।

कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्‍हें पहले कोरोना हुआ था लेकिन अब वो ठीक हो चुके हैं। ऐसे में उन्‍हें वैक्‍सीन को लेकर गलतफहमी है। जबकि हाल ही में आया एक शोध बताता है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पहले संक्रमण से ठीक होने वाले लोग इसके दोबारा शिकार नहीं हो सकते हैं। वो भी दोबारा संक्रमित हो सकते हैं। अमेरिका में हुए शोध के दौरान पता चला है कि ऐसे लोग यदि वैक्‍सीन लेंगे तो उनके शरीर में पहले से मौजूद एंटी बॉडीज को और अधिक ताकतवर बनाया जा सकता है। लेकिन यदि उन्‍होंने वैक्‍सीन नहीं ली तो वो भी गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

भारत की बात करें तो देश में फिलहाल दो स्‍वदेशी वैक्‍सीन के जरिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। सरकार ने अब रूसी वैक्‍सीन स्‍पू‍तनिक-वी को भी आपात सेवा के तौर पर इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। इसके अलावा कोरोना मामलों में आई तेजी के मद्देनजर कुछ अन्‍य वैक्‍सीन को भी इसी तरह से मंजूरी दी गई है। आने वाले कुछ माह के अंदर भारत में कुछ और वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो जाएंगी।

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