नई दिल्ली(पीटीआई)। नसीहत पर नसीहत लेकिन पाकिस्तान पर असर नहीं हो रहा है। अमेरिका ने पाक सरकार को झिड़की लगाते हुए कहा कि वो मुंबई हमलों के गुनहगार को क्यों बचा रहा है। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता जॉन किरबी ने कहा कि अमेरिका की नजर में हाफिज सईद आतंकी है। अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान बहाना छोड़कर हाफिज और उसके संगठन लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करे।

'हाफिज पर अब नही चलेगी बहानेबाजी'

जॉन किरबी ने कहा कि अमेरिका के लिए इस बात का कोई मतलब नहीं है कि हाफिज क्या कहता है। यूएस किसी आतंकी की धमकी से न तो डरता है न ही किसी तरह की प्रतिक्रिया देगा। अमेरिकी प्रशासन का स्पष्ट मत है कि हाफिज के खिलाफ कार्रवाई से ही ये साफ होगा कि पाक आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले से ही हाफिज सईद को आतंकी और उसके संगठन लश्कर को काली सूची में डाल रखा है। यही नहीं सईद के सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित है।

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हाफिज-मसूद के खिलाफ पाक में उठी आवाज

अमेरिकी की तरफ से हाफिज सईद के बारे में ये प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार पाकिस्तान की जमीन से भी ये आवाज उठ रही है कि हाफिज को आतंकी मानने में पाकिस्तान को आखिर दिक्कत क्यों हो रही है। पाकिस्तान के एक अखबार ने कल पूछा था कि पठानकोट के मास्टरमाइंड मसूद अजहर और हाफिज सईद को आतंकी मानने से सरकार क्यों इनकार कर रही है।

जहर उगलता है हाफिज सईद

हाफिज सईद भारत-अमेरिकी सैन्य संबंधों को इस्लाम के खिलाफ बताता रहा है। इससे पहले भी उसने पाकिस्तान के हुक्मरानों से कहा था कि अगर भारत के कब्जे वाले कश्मीर में अमेरिका दखल नहीं देता है तो पाकिस्तान को अमेरिका सें संबंध तोड़ लेना चाहिए। हाफिज सईद खुलेआम ये कहता है कि कई बार अमेरिका और भारत के इशारे पर पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया। लेकिन लाहौर हाइकोर्ट ने उसे आजाद कर दिया।इतना ही नहीं अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि न तो वो न ही उसका संगठन आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं।पाकिस्तान के पत्रकार को सता रही है अपने खिलाफ बड़ी अनहोनी की आशंका

Edited By: Lalit Rai