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दिल्ली नहीं आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री... अगले हफ्ते तय है मार्को रूबियो का भारत दौरा, मुंबई-जामनगर जाएंगे

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:00 AM (IST)

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे। वे दिल्ली न आकर मुंबई और जामनगर जाएंगे।

एक साल में दूसरी बार भारत आ रहे मार्को रुबियो।

एक साल में दूसरी बार भारत आ रहे मार्को रुबियो।

HighLights

  1. मार्को रुबियो 17-22 अक्टूबर तक भारत-उज्बेकिस्तान दौरे पर।

  2. दिल्ली नहीं, मुंबई और जामनगर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री।

  3. ऊर्जा सहयोग, व्यापारिक निवेश पर होगी मुख्य चर्चा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्तों को एक बार फिर नई गति मिलने जा रही है। वजह है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। इस साल यह उनका दूसरा भारत दौरा होगा। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि रुबियो भारत तो आ रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली नहीं आ रहे।

जानिए कहां जाएंगे रुबियो?

अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से जारी मीडिया नोट के मुताबिक, रुबियो अपनी इस यात्रा के दौरान मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे और भारत के वरिष्ठ सरकारी व व्यावसायिक नेताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे।

क्या रहेगा दौरे का मुख्य एजेंडा?

इस बात को ऐसे समझिए कि भारत यात्रा के दौरान मार्को रुबियो शीर्ष भारतीय अधिकारियों से मुलाकात कर वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

ऊर्जा सहयोग और निवेश पर रहेगा फोकस

इसके अलावा रुबियो के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर मुख्य रूप से जोर दिया जाएगा। इतना ही नहीं अमेरिका-भारत के बीच व्यावसायिक निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रुबियो प्रमुख कारोबारियों से भी मिलेंगे।

भारत आने से पहले उज्बेकिस्तान दौरा करेंगे

गौरतलब है कि भारत आने से पहले रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे, जहां वे C5+1 मिनिस्टीरियल में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे अमेरिका और पांच मध्य एशियाई देशों उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य के बीच रणनीतिक सहयोग को रेखांकित करेंगे। इस यात्रा में 200 से अधिक अमेरिकी व्यापारिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी उनके साथ होगा।