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US-भारत डील कब होगी साइन, ऊर्जा से स्टील तक पर कितना असर; 5 साल का प्लान तैयार

By RAJEEV KUMAREdited By: Garima Singh
Published: Thu, 05 Feb 2026 08:18 PM (IST)

भारत और अमेरिका अगले 4-5 दिनों में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर साझा बयान जारी कर सकते हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष ...और पढ़ें

अगले 4-5 दिनों में भारत-अमेरिका साझा बयान।

अगले 4-5 दिनों में भारत-अमेरिका साझा बयान।

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राजीव कुमार, नई दिल्ली। अमेरिका निर्यात करने वाले निर्यातकों को अगले सप्ताह से ही बड़ी राहत मिल सकती है। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अगले चार-पांच दिनों में भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) से जुड़े साझा बयान पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

साझा बयान के बाद औपचारिक समझौते की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इस साल मार्च मध्य तक उन पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं।दोनों देश व्यापार समझौते के पहले चरण के पूरा होने को लेकर आपसी सहमति पहले ही जाहिर कर चुके हैं।

साझा बयान जारी होते ही रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका की तरफ से जुर्माने के रूप में लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क समाप्त हो जाएंगे।

बाकी के 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क के रूप में अमेरिका ने भारत पर लगा रखा है। मार्च मध्य में अंतिम हस्ताक्षर होने के बाद इस 25 प्रतिशत को भी घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। भारत भी अमेरिका के लिए अपने शुल्क में कमी मार्च में होने वाले अंतिम हस्ताक्षर के बाद करेगा।

India US trade agreement (2)

अगले 4-5 दिनों में भारत-अमेरिका साझा बयान

गुरुवार को गल्फ कंट्रीज काउंसिल (जीसीसी) के साथ व्यापार समझौते को लेकर वार्ता शुरू करने के एजेंडा पर हस्ताक्षर मौके पर गोयल ने कहा कि तेज गति से आर्थिक विकास करने के लिए भारत को बड़ी मात्रा में ऊर्जा, डाटा सेंटर और स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की जरूरत होगी।

इस प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अमेरिका से खरीदारी करनी होगी और ऐसा अनुमान है कि अगले पांच साल में यह खरीदारी 500 अरब डालर तक की हो सकती है। हम अमेरिका से 70-80 अरब डालर का तो एयरक्राफ्ट्स ही खरीद लेंगे।

व्यापार समझौते पर सहमति की घोषणा करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स प्लेटफार्म पर कहा था कि भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीदारी करेगा। इस हिसाब से भारत को हर साल अमेरिका से 100 अरब डालर की खरीदारी करनी होगी।

अभी यह खरीदारी 40 अरब डालर के पास है। भारत अमेरिका में सालाना 90 अरब डालर की वस्तुओं का निर्यात करता है। इनमें से 30 अरब डालर की वस्तुओं पर 50 प्रतिशत से अधिक का शुल्क लग रहा है।

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रूस से तेल खरीद पर 25% अमेरिकी शुल्क हटेंगे

निर्यातकों ने बताया कि अगले सप्ताह से 25 प्रतिशत का शुल्क हट जाने से उन्हें तत्काल राहत मिल सकती है। साझा बयान पर हस्ताक्षर के बाद जो भी माल अमेरिका पहुंचेगा, उस पर जुर्माने वाला 25 प्रतिशत शुल्क नहीं लगेगा।

अमेरिका में मौजूद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स प्लेटफार्म पर कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की विस्तृत प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय स्तर पर एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

गोयल के साथ मौजूद वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि साझा बयान जारी होने के बाद उसे वैधानिक समझौते में बदलना होता है। हमलोग मार्च में समझौते के अमल का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इस वैधानिक समझौते के आधार पर ही हम अमेरिका के लिए अपने शुल्क को कम कर सकेंगे।

क्या है जीसीसी?

जीसीसी में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल है। इनमें से भारत यूएई और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर चुका है। ओमान के साथ होने वाले एफटीए पर इस साल अमल शुरू हो जाएगा जबकि यूएई के साथ एफटीए पहले से लागू है।

जीसीसी के साथ एफटीए करने से अफ्रीकी देशों में भारतीय माल को पहुंचाना आसन हो जाएगा। जीसीसी देशों के साथ भारत का व्यापार 178 अरब डालर का है। इन देशों से तेल खरीदारी के कारण भारत जीसीसी देशों से 121 अरब डालर का आयात करता है तो इन देशों को 57 अरब डालर का निर्यात करता है।

ggc

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