'अमेरिका के लिए भारत सबसे जरूरी, मोदी-ट्रंप सच्चे दोस्त', ट्रेड डील से पहले क्यों मेहरबान हुआ US?
नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में कार्यभार संभालते ही भारत को अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण साझेदार ...और पढ़ें

उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी दूसरा देश अमेरिका के लिए उतना जरुरी नहीं है जितना भारत
HighLights
भारत अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार: गोर।
भारत को 'पैक्स सिलिका' पहल में शामिल होने का न्योता।
व्यापारिक मतभेद सुलझाने और मोदी-ट्रंप दोस्ती पर जोर।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका के नये राजदूत सर्जियो गोर नई दिल्ली में कार्यभार संभालने के साथ ही अपने 'बास' राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तल्खी भरे बयानों से भारत और अमेरिका के रिश्तों में आई असहजता को दूर करने की कोशिश में जुट गये हैं। सोमवार को अमेरिका दूतावास में काम करने वाले कर्मचारियों और कुछ आमंत्रित मेहमानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी दूसरा देश अमेरिका के लिए उतना जरुरी नहीं है जितना भारत।
इसके साथ ही उन्होंने कारोबारी मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मौजूदा असहमति को भी सुलझाने का भरोसा जताया और बताया कि इस बारे में दोनों देशों के बीच अगली बातचीत मंगलवार (13 जनवरी. 2025) को ही होने वाली है। भारत व अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव भरे माहौल की तरफ संकेत करते हुए गोर ने कहा कि सच्चे दोस्तों के बीच असहमति हो सकती है लेकिन अंत में ये अपने विवाद सुलझा लेते हैं।गोर ने कहा कि, “कोई भी साझेदार भारत से अधिक आवश्यक नहीं है। आने वाले महीनों और वर्षों में, राजदूत के रूप में मेरा लक्ष्य एक बहुत महत्वाकांक्षी एजेंडा को आगे बढ़ाना है। हम इसे सच्चे रणनीतिक साझेदारों के रूप में करेंगे, जहां प्रत्येक पक्ष अपनी ताकत, सम्मान और नेतृत्व को मेज पर लाएगा।''
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि अगले महीने भारत 'पैक्स सिलिका' का सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। गोर ने कहा कि, “पैक्स सिलिका एक अमेरिका-नेतृत्व वाली रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य क्रिटिकल मिनिरल्स से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स, एआई डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में एक सुरक्षित, समृद्ध सिलिकॉन सप्लाई चेन का निर्माण करना है। पिछले महीने जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल इसमें शामिल हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने इस राष्ट्रों के समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जैसे-जैसे दुनिया नई तकनीक को अपनाती जा रही है, इस पहल की शुरुआत से ही भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका को हाथ मिलाकर काम करना आवश्यक है।''
दोनों देशों के बीच कारोबारी वार्ता के बारे में गोर ने कहा कि, “आप में से कई लोगों ने मुझसे चल रही व्यापार समझौता वार्ताओं पर अपडेट मांगा है। दोनों पक्ष सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। व्यापार पर अगली वार्ता कल होने वाली है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्र है, इसलिए इस समझौते को अंतिम रूप देने का काम आसान नहीं है लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। और जबकि व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी निकटता से मिलकर काम करते रहेंगे।''
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच की मित्रता और दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई असहजता की तरफ इशारा करते हुए गोर ने कहा कि, “मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर की यात्राएं की हैं और मैं गवाही दे सकता हूं कि उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती सच्ची है। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत न केवल साझा हितों से जुड़े हैं बल्कि उच्चतम स्तर पर मजबूत संबंधों से भी जुड़े हैं। सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।''
