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UPSC सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026: आंसर-की में गड़बड़ी का आरोप, कैट पहुंचे अभ्यार्थी

Published: Mon, 14 Sep 2026 09:23 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 09:24 PM (IST)

63 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 की उत्तर कुंजियों में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए कैट का दरवाजा खटखटाया है।

UPSC सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 की आंसर की में गड़बड़ी का आरोप।

UPSC सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 की आंसर की में गड़बड़ी का आरोप।

HighLights

  1. 63 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रिलिम्स 2026 उत्तर कुंजी में विसंगतियों का आरोप लगाया।

  2. कैट ने याचिका स्वीकार कर यूपीएससी और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा।

  3. जीएस पेपर I और सीएसएटी पेपर II के प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज की गई।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यूपीएससी सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 (UPSC Civil Services Preliminary Examination 2026) में उत्तर कुंजियों में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए 63 अभ्यर्थियों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का दरवाजा खटखटाया है।

कैट ने अभ्यर्थियों की याचिका विचारार्थ स्वीकार करते हुए यूपीएससी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले में आठ अक्टूबर को फिर सुनवाई होगी।

ये नोटिस कैट दिल्ली की पीठ ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों के वकील विवेक तन्खा और राजीव दुबे की दलीलें सुनने के बाद जारी किये। अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई कि जनरल स्टटीज (जीएस) पेपर प्रथम के 15 प्रश्नों तथा सीएसएटी के 12 प्रश्नों (पेपर द्वतीय सेट) की जारी प्रोवीजनल उत्तर कुंजी में दिए गए उत्तर गलत हैं।

वकीलों का कहना था कि हर प्रश्न के सही उत्तर के जवाब के समर्थन में उन्होंने तीन वैध दस्तावेज लगाए हैं। जिससे साबित होता है यूपीएससी ने गलत उत्तर कुंजी जारी की है। जिसके कारण सही जवाब देने वाले अभ्यर्थी बाहर हो जाते हैं और गलत जवाब देने वालों का चयन हो जाता है।

याचिका में मांग की गई है कि अभ्यर्थियों को यूपीएससी मुख्य परीक्षा 2027 में बैठने का मौका दिया जाए। यूपीएसी सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 के प्रयास को अटेम्प न माना जाए। इस मामले में अभ्यर्थी पहले दिल्ली हाई कोर्ट गए थे। हाई कोर्ट ने उन्हें कैट जाने को कहा था जिसके बाद अभ्यर्थी कैट पहुंचे हैं।