यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गोवा में सरकार के गठन के मुद्दे पर लोकसभा से कांग्रेस का वॉक आउट
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर का मुद्दा उठाया।

नई दिल्ली(एएनआई)। गोवा में सरकार के गठन के मुद्दे पर कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा का बहिष्कार किया है। गोवा और मणिपुर में सरकार गठन के मुद्दे पर कांग्रेस ने चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। भाजपा ने ह्विप जारी कर अपने सभी सदस्यों को लोकसभा में मौजूद रहने को कहा है। गोवा में भाजपा द्वारा सरकार गठन को कांग्रेस ने असंवैधानिक करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है लिहाजा राज्यपाल को कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए था। पणजी में आज कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की बैठक हुई जिसमें सभी संभावनाओं पर विचार किया गया।
गोवा के बाद मणिपुर में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज है। मणिपुर में भाजपा और कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पांच से छह विधायकों को अगवा कर गुवाहाटी ले जाया गया है। उन विधायकों पर भाजपा को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
गोवा में सरकार गठन के लिए राज्यपाल ने भाजपा को न्यौता दिया था। हालांकि कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि राज्यपाल ने असंवैधानिक कदम उठाया है। कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में राज्यपाल से मिलने का फैसला किया गया।वहीं राज्यपाल ने कांग्रेस विधायकों को दोपहर 1.30 बजे मिलने का समय दिया है।
