बरेली, जेएनएन। सरकारी नौकरी, मतलब पूरी सेलरी और भरपूर आराम। फिर चाहें ड्यूटी को ठीक अंजाम दें या न दें। ऐसी सोच रखने वालों के लिए अब महंगा पड़ रहा। सूबे की योगी सरकार ऐसे नाकारा या दागी स्टाफ की अनिवार्य सेवानिवृत्ति शुरू कर चुकी है। बरेली मंडल भी इस पर कार्रवाई शुरू हो गई। पुलिस महकमे में दागी व नकारा 25 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। ये सभी पचास साल से ज्यादा उम्र के हैं।

डीआइजी रेंज की स्क्रीनिंग कमेटी में ऐसे पुलिस वालों की पहचान की गई थी, जोकि अपनी ड्यूटी को सही तरीके से अंजाम नहीं दे रहे थे। सूची बनी तो इसमें फरीदपुर सीओ के स्टोनो का काम देख रहे इंस्पेक्टर ब्रहमपाल सिंह, बदायूं में तैनात दारोगा नेमपाल सिंह, रोहित हुसैन, विजयपाल सिंह, शाहजहांपुर में तैनात दारोगा अशोक कुमार, सत्येंद्र कुमार, एएसआइ जयकिशन का नाम शामिल था।

इनके अलावा बरेली जिले के छह पुलिसकर्मियों को भी एसएसपी मुनिराज जी ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी। इनमें एसआइ महेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल शिवकुमार सिंह, प्रीतम सिंह, नन्हकी लाल, अयूब खां, गंगाराम आदि शामिल हैं।

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