यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Advisory on Deepfakes: डीपफेक को लेकर मोदी सरकार जारी करेगी एडवाइजरी, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इंटरनेट कंपनियों के साथ की बैठक
Advisory on Deepfakes केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने डीपफेक और भ्रामक सूचना के मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने डीपफेक और भ्रामक सूचना के मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की मंगलवार को इंटरनेट मीडिया मंचों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि अगले दो दिन में शत-प्रतिशत अनुपालन को लेकर एडवाइजरी जारी कर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंंत्री ने इंटरनेट मीडिया कंपनियों के साथ की बैठक
सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर कहा कि इंटरनेट मीडिया मंचों को नए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना और ऑनलाइन यूजर्स के विश्वास एवं सुरक्षा पर सरकार का विशेष ध्यान है।
उन्होंने कहा कि भ्रामक सूचनाओं और डीपफेक पर इंटरनेट मीडिया कंपनियों के साथ दूसरी बैठक हुई, जिसमें पिछली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई। डीपफेक का आशय छेड़छाड़ की गई मीडिया सामग्री से है।इसमें किसी भी व्यक्ति को गलत ढंग से पेश करने या दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से डिजिटल हेराफेरी की जाती है और उसे बदल दिया जाता है।
डीपफेक को लेकर कई मामले आए हैं सामने
गौरतलब है कि हाल ही में कुछ फिल्म कलाकारों को निशाना बनाने वाले कई डीपफेक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए थे। उसके बाद छेड़छाड़ की गई सामग्री के लिए प्रौद्योगिकी एवं उपकरणों के दुरुपयोग को लेकर सरकार सतर्क हो गई है।
इस बीच, सूत्रों ने कहा कि सरकार ने इंटरनेट मीडिया कंपनियों को कड़े शब्दों में बता दिया है कि उन्हें यूजर्स की सुरक्षा को लेकर समुचित कदम उठाने होंगे। सरकार ने कहा है कि आईटी नियमों के तहत चिह्नित 11 क्षेत्रों में यूजर्स को नुकसान या गड़बड़ियां आईपीसी के प्रविधानों में भी समाहित हैं।
ऐसे में मौजूदा कानूनों के तहत भी आपराधिक प्रविधानों का सामना करना होगा। इसके पहले चंद्रशेखर ने 24 नवंबर को भी इंटरनेट मीडिया मंचों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने कंपनियों को डीपफेक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करने और उपयोग की शर्तों को नियमों के अनुरूप ढालने के लिए सात दिन का समय दिया था।
