यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, पांच साल बाद भारत से खत्म हो जाएगा पेट्रोल
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश में पांच साल ...और पढ़ें

नागपुर, पीटीआइ। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा जताया है कि हरित ईंधन से पांच साल बाद देश में वाहनों में पेट्रोल के इस्तेमाल की जरूरत खत्म हो जाएगी। उन्होंने गुरुवार को महाराष्ट्र के अकोला में बयान दिया, जहां उन्हें डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ द्वारा डाक्टर आफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। अपने भाषण के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने हरित हाइड्रोजन, एथेनाल और अन्य हरित ईंधन के उपयोग पर प्रकाश डाला।
'पांच साल बाद देश से पेट्रोल खत्म हो जाएगा'
नितिन गडकरी ने कहा, 'मैं पूरे विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि पांच साल बाद देश से पेट्रोल खत्म हो जाएगा। आपकी कारें और स्कूटर ग्रीन हाइड्रोजन, एथेनाल फ्लेक्स फ्यूल, सीएनजी या एलएनजी से चलेंगी।' उन्होंने कृषि शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से अगले पांच वर्षों में कृषि विकास को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने पर काम करने की भी अपील की।
'प्रतिभाशाली हैं महाराष्ट्र के किसान'
केंद्रीय मंत्री ने नए अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के साथ मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के किसान बहुत प्रतिभाशाली हैं।
पेट्रोल वाहनों के बराबर होगी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत
इससे पहले, नितिन गडकरी ने एक बयान में कहा कि एक साल के अंदर सभी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत देश में पेट्रोल वाहनों की कीमत के बराबर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल के बजाय फसल अवशेषों से उत्पादित इथेनाल को बढ़ावा दे रही है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल में इस्तेमाल की जाने वाली 81 प्रतिशत लीथियम आयन बैटरी स्वदेश में निर्मित होती है।
- सरकार मेड इन इंडिया पर काफी जोर दे रही है।
- सरकार ग्रीन फ्यूल यानी हरित ईंधन को बढ़ावा दे रही है।
- नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क की तुलना में जलमार्ग परिवहन का सस्ता साधन है।
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का 11 जुलाई को होगा उद्घाटन
बता दें, 11 जुलाई को नितिन गडकरी दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने वाले हैं। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से राजस्थान पहुंचना आसान हो जाएगा। करीब चार साल में यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हुआ है। हालांकि एचएआइ ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
