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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मणिपुर हिंसा पर बड़ी बैठक, महाराष्ट्र में चुनावी रैली रद कर दिल्ली लौटे अमित शाह; NPP ने सरकार से समर्थन लिया वापस

Published: Sun, 17 Nov 2024 07:41 PM (IST)Updated: Sun, 17 Nov 2024 09:10 PM (IST)

मणिपुर हिंसा पर रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बैठक की। सोमवार को भी मणिपुर के हालात ...और पढ़ें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। ( फाइल फोटो)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। ( फाइल फोटो)

HighLights

  1. शाह ने अधिकारियों को दिया जरूरी कदम उठाने का आदेश।
  2. एनपीपी का आरोप- बीरेन सिंह सरकार हिंसा रोकने में विफल।
  3. जेपी नड्डा को लिखे पत्र में समर्थन वापस लेने का किया एलान।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मणिपुर में हिंसा और तनाव को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपनी चुनावी रैलियों को रद कर दिल्ली वापस आ गए। बाद में शाह ने गृह मंत्रालय व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मणिपुर के हालात की समीक्षा की और ताजा हिंसा को रोकने व तनाव को करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। उधर, मणिपुर में हिंसा के मद्देनजर एनपीपी ने भाजपा नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है।

सोमवार को भी शाह करेंगे बैठक

पिछले चार दिनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय मणिपुर के विभिन्न क्षेत्रों में अफस्पा (‌आर्म्स फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट) लगाने के साथ ही सुरक्षा बलों के हिंसा रोकने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। शाह सोमवार को भी मणिपुर को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। ध्यान देने की बात है कि आतंकियों द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या के बाद उत्तेजित भीड़ ने शनिवार की रात को मणिपुर के वरिष्ठ मंत्री समेत भाजपा के तीन व कांग्रेस के एक विधायक के घरों में आग लगा दी थी।

सीएम के पैतृक घर पर हमले की कोशिश

लोगों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के पैतृक घर पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसे सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। इसके पहले दिन में भीड़ ने तीन मंत्रियों समेत छह विधायकों के घरों पर हमला किया था। मणिपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लागू कर्फ्यू के बीच हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति गंभीरता को देखते हुए अमित शाह ने चुनावी रैलियां रद कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक का फैसला किया।

एनपीपी के कुल सात विधायक

नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने रविवार को हिंसा प्रभावित मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया। पार्टी ने दावा किया कि एन बीरेन सिंह सरकार राज्य में संकट को हल करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में पूरी तरह विफल रही है। मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। इनमें एनपीपी के सात विधायक हैं।

जेपी नड्डा को लिखा पत्र

एनपीपी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा और कहा कि पिछले कुछ दिनों में मणिपुर में स्थिति और खराब हुई है। कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश के लोग बेहद पीड़ा से गुजर रहे हैं। हमें लगता है कि बीरेन सिंह सरकार संकट को हल करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में पूरी तरह विफल है। मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए नेशनल पीपुल्स पार्टी ने मणिपुर में बीरेन सिंह सरकार से तत्काल प्रभाव से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया है।

भाजपा विधायक के घर पर तोड़फोड़

रविवार शाम को मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में भाजपा विधायक कोंगखम रोबिंद्रो के पैतृक घर पर भी भीड़ ने तोड़फोड़ की। भीड़ ने रोबिंद्रो के मायंग इंफाल स्थित पैतृक घर पर धावा बोला और उनसे मिलने की मांग की। मगर उस वक्त विधायक आवास पर नहीं थे। उनके पिता ने कहा कि आपका संदेश बेटे को बता देंगे।

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