नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्र सरकार देश के हॉस्पिटलों से विदेशी बीमा कंपनियों को जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। इसका उद्देश्य मेडिकल टूरिज्म को नई गति देना है। योजना की जानकारी देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए देश के आयुर्वेदिक क्लीनिक, वेलनेस सेंटर और बड़े अस्पतालों से विदेशी बीमा कंपनियों को जोड़ा जाएगा। इसकी पूर्ति के लिए वर्किग ग्रुप बनाया जा रहा है।

पर्यटकों को इलाज की होगी आसानी 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीमा कवर के साथ आने वाले पर्यटकों को इलाज की सेवा आसानी से प्राप्त होगी। बीमा कवर से इलाज खर्च की अदायगी भी समय पर पूरी हो जाएगी। अभी उन्हें इस प्रक्रिया के तहत कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सिंगापुर व अन्य देशों की बीमा योजनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। 

तैयार की जाएगी अस्पतालों की सूची 

केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा कि इस क्षेत्र को और सुविधाजनक बनाने के लिए भारत के आयुष समेत अन्य वेलनेस सेंटर एवं अस्पतालों की सूची तैयार की जाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवा के लिए भारत आने को इच्छुक लोगों को निर्णय लेने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा सूचीबद्ध मेडिकल सेंटर के जरिये पर्यटकों को आसानी से व कम समय में वीजा उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मेडिकल टूरिज्म में अपार संभावनाएं 

दरअसल, मेडिकल टूरिज्म वैश्विक स्तर पर बड़ी तेजी से फलने-फूलने वाला कारोबार है और भारत इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार रहा है। कोरोना के कारण हालांकि यह सेक्टर भी काफी प्रभावित हुआ है। इसे देखते हुए पर्यटन मंत्रालय विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष कोरोना कवर की पेशकश कर सकता है।

मेडिकल टूरिस्ट की संख्या बढ़ी

एलाइड मार्केट रिसर्च के अनुसार, पिछले वर्ष मेडिकल टूरिज्म 104.68 अरब डॉलर का था, जिसके वर्ष 2027 तक 273.72 अरब डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है। वर्ष 2018 के भारतीय पर्यटन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में केवल तीन वर्षों के अंतराल में मेडिकल टूरिस्ट की संख्या दोगुना हो गई थी। 

भारत है पसंदीदा डेस्टिनेशन

वर्ष 2017 में पश्चिम एशिया से आने वाले कुल पर्यटकों में 22 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने पहुंचे थे। अफ्रीका से आने वाले ऐसे पर्यटकों की संख्या 15.7 प्रतिशत थी। दुनिया के प्रचलित मेडिकल टूरिज्म वाले देशों में भारत, ब्रुनेई, क्यूबा, कोलंबिया, हांगकांग, हंगरी, जॉर्डन, मलेशिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड और अमेरिका शामिल हैं।

Edited By: Krishna Bihari Singh