नई दिल्‍ली, पीटीआइ। किसान संगठनों की ओर से बुलाए गए 'भारत बंद' के दौरान शांति बनी रहे और किसी तरह की हिंसा या उपद्रव नहीं हो इसे लेकर केंद्र सरकार बेहद सतर्क है। सरकार ने 'भारत बंद' के मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने अपने दिशा-निर्देश में कहा है कि मंगलवार को 'भारत बंद' के दौरान सुरक्षा कड़ी करते हुए सभी जगह शांति सुनिश्चित की जाए।

मध्‍य प्रदेश में उपद्रवियों पर होगी नजर 

मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के साथ बातचीत करके उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। सरकार किसानों को पूरी तरह से संतुष्ट करेगी लेकिन किसान आंदोलन की आड़ में ऐसे तत्व जो हमारे देश में अराजकता जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं। हम उनपर भी नजर रखेंगे उनको नहीं छोडेंगे। 

गुजरात में बंद नहीं होगा सफल 

गुजरात CM विजय रूपाणी ने कहा कि गुजरात में किसानों और APMC की तरफ से भारत बंद को समर्थन नहीं है। गुजरात में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। कल ये बंद सफल नहीं रहेगा। सरकार ने भी पूरी व्यवस्था की है कि बंद के नाम पर कोई हिंसक घटना न घटे। कृषि कानूनों का जो विरोध चल रहा है वो अब किसान आंदोलन नहीं रहा क्योंकि इसमें राजनीतिक दल कूद पड़ें हैं। 

कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का हो पालन 

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी देशव्यापी दिशा-निर्देश में कहा गया कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना से बचाव को लेकर जो गाइडलाइन पहले जारी की गई है उसका पालन किया जाए। साथ ही प्रदर्शनों के दौरान शारीरिक दूरी बरकरार रखी जाए। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 'भारत बंद' के मद्देनजर शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एहतियाती कदम उठाए जाएं

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राज्‍यों से कहा गया है कि 'भारत बंद' के दौरान शांति भंग नहीं हो इसको लेकर पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जाएं। साथ ही कड़ी चौकसी रखी जाए ताकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हो। मालूम हो कि मंगलवार को किसान संगठनों ने 'भारत बंद' का आह्वान किया है। किसान संसद के मॉनसून सत्र में लाए गए तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

आंदोलन में कूदा विपक्ष 

किसानों की ओर से बुलाए गए 'भारत बंद' का कांग्रेस, राकांपा, द्रमुक, सपा, टीआरएस और वामपंथी दलों जैसी बड़ी पार्टियों ने समर्थन किया है। हजारों की संख्‍या में किसान दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार किसान नेताओं के साथ पांच दौर की बातचीत कर चुकी है लेकिन आंदोलन खत्‍म नहीं हो पाया है। किसान संगठनों के नेता तीनों कृषि कानून को रद करने मांग पर अड़े हुए हैं।