Budget 2023: लोकसभा में पेश किया गया आर्थिक सर्वे, 2023-24 में विकास दर 6.5% रहने का अनुमान
Union Budget 2023 Updates: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट 2023-24 पेश करेंगी। बजट पेश होने से एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अभिभाषण दिया। अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वे पेश किया गया।

Union Budget 2023 Latest News Updates संसद का बजट सत्र मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ इस सत्र की शुरुआत हुई। राष्ट्रपति ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को संबोधित किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आर्थिक सर्वे पेश किया। एक फरवरी सुबह 11 बजे वित्त मंत्री द्वारा आम बजट 2023-24 पेश किया जाएगा। उधर, बजट सत्र को लेकर संसद में हंगामे के आसार हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने अभिभाषण के बहिष्कार करने का फैसला लिया है। बीआरएस के सांसद केशव राव ने कहा कि हम राष्ट्रपति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम लोकतांत्रिक विरोध के माध्यम से एनडीए सरकार की शासन विफलताओं को उजागर करना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा, "इससे अच्छा गौरव का अवसर नहीं हो सकता, जब उस वर्ग की महिला अभिभाषण दे रही हो जिसके लिए आजादी का अमृत काल ही तय था। AAP और BRS इस सुंदर अवसर से चूकी है ये उनका दुर्भाग्य था।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के खिलाफ हमारे पास कई मुद्दे हैं। हम इन मुद्दों को एक-एक कर संसद में उठाएंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बेरोजगारी को लेकर कुछ नहीं था। हम और देश की जनता सरकार की नाकामी देख पा रही है। वे सिर्फ बोलते है, करते कुछ नहीं।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण दोहराता है कि सरकार क्या चाहती है और क्या करती है। राष्ट्रपति सरकार का बयान पेश करते हैं। फिर भी हम राष्ट्रपति के अभिभाषण का सम्मान करते हैं। सदन में जब चर्चा होगी तब हम अपने विचार रखेंगे। सरकार के खिलाफ बहुत से मुद्दे हैं।
आर्थिक सर्वे में अनुमान जताया गया कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। PPP (क्रय शक्ति समानता) के मामले में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। विनिमय दर में भारत पांचवां सबसे बड़ा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया है। 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है।

संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के समापन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य सांसदों का अभिवादन किया।
2014 से पहले जहां देश में कुल लगभग 725 विश्वविद्यालय थे, वहीं बीते केवल आठ वर्षों में 300 से अधिक नए विश्वविद्यालय बने हैं। इस दौरान देश में 5 हजार से अधिक कॉलेज भी खोले गए हैं।
साल 2004 से 2014 के बीच देश में 145 मेडिकल कॉलेज खुले। वहीं 2014 से 2022 तक 260 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या अब पहले के मुकाबले देश में दोगुनी हो चुकी है।
मेरी सरकार आने के बाद भारत में गरीबों के लिए औसतन हर रोज आवास योजना के 11 हजार घर बने। इसी अवधि में भारत में हर रोज औसतन ढाई लाख लोग ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जुड़े। हर रोज 55 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए। मुद्रा योजना के तहत रोजाना 700 करोड़ से ज्यादा का लोन दिया। बीते 8-9 सालों में लगभग हर महीने एक मेडिकल कॉलेज बना। इस दौरान देश में हर दिन में दो कॉलेजों की स्थापना हुई है। हर हफ्ते एक यूनिवर्सिटी बनी।
बीते आठ वर्षों में देश में मेट्रो नेटवर्क में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है। आज 27 शहरों में मेट्रो ट्रेन पर काम चल रहा है। देश में 100 से ज्यादा नए वॉटरवे विकसित किए जा रहे हैं।
भारत ने बीते 8 सालों में सोलर एनर्जी क्षमता को करीब 20 गुना बढ़ाया है। आज भारत रीन्युएबल एनर्जी की क्षमता में विश्व में चौथे स्थान पर है। देश के बिजली उत्पादन की 40 फीसदी क्षमता नॉन फॉसिल फ्यूल से पैदा करने का लक्ष्य देश ने 9 वर्ष पहले ही हासिल कर लिया है।
भारतीय रेलवे अपने आधुनिक अवतार में सामने आ रही है और देश के रेलवे मैप में अनेक दुर्गम क्षेत्र भी जुड़ रहे हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा बिजली से चलने वाला रेलवे नेटवर्क बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वंदे भारत के रूप में एक आधुनिक और सेमी हाईस्पीड ट्रेन भारतीय रेल का हिस्सा बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के दुर्गम क्षेत्रों को भी रेलवे से जोड़ा जा रहा है। देश के बड़े रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
देश का एविएशन सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट बन चुका है। इसमें उड़ान योजना की भी बहुत बड़ी भूमिका है। साल 2014 तक देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 थी, ये बढ़कर 147 हो गई है। भारत दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट बन चुका है।
मेरी सरकार देश के युवाओं की शक्ति को खेलों के जरिए भी देश के सम्मान से जोड़ रही है। हमारे खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर ओलंपिक और पैरा गैम्स में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर ये साबित किया है कि उनकी प्रतिभा किसी से कम नहीं है। देश के कोने-कोने में ऐसी प्रतिभाओं को खोजने, उनका टैलेंट निखारने के लिए खेलो इंडिया गेम्स, खेलो इंडिया सेंटर्स से लेकर TOPS स्कीम चलाई जा रही हैं।
आजादी के अमृतकाल में देश पंच प्राणों की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। गुलामी के हर निशान, हर मानसिकता से मुक्ति दिलाने के लिए भी मेरी सरकार निरंतर प्रयासरत है। जो कभी राजपथ था, वह अब कर्तव्यपथ बन चुका है।
आज एक तरफ देश में अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है, तो दूसरी तरफ आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है। एक तरफ हमने केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल महालोक का निर्माण किया, तो वहीं हर जिले में हमारी सरकार मेडिकल कॉलेज भी बनवा रही है।
मेरी सरकार की नई पहल के परिणामस्वरूप हमारा रक्षा निर्यात छह गुना हो गया है। मुझे गर्व है कि हमारी सेना में आज INS विक्रांत के रूप में पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल हुआ है।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की सफलता आज हम देख रहे हैं। देश में पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक हुई है, एवं महिलाओं का स्वास्थ्य भी पहले के मुकाबले और बेहतर हुआ है।
मेरी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी काम, किसी भी कार्यक्षेत्र में महिलाओं के लिए कोई बंदिश न हो। माइनिंग से लेकर सेना में अग्रिम मोर्चों तक, हर सेक्टर में महिलाओं की भर्ती को खोल दिया गया है। सैनिक स्कूलों से लेकर मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूलों में भारत की बेटियां पढ़ और ट्रेनिंग कर रही हैं। हमारी सरकार ने मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया है।
सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को नई परिस्थितियों के अनुसार आगे भी चलाने का निर्णय लिया है। यह एक संवेदनशील और गरीब-हितैषी सरकार की पहचान है। इस योजना के तहत सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज के लिए लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। आज विश्व में इस योजना की प्रशंसा हो रही है।
मेरी सरकार की प्राथमिकता में देश के 11 करोड़ छोटे किसान हैं। ये छोटे किसान, दशकों से, सरकार की प्राथमिकता से वंचित रहे थे। अब इन्हें सशक्त और समृद्ध करने के लिए हर तरह की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को नई परिस्थितियों के अनुसार आगे चलाने का निर्णय लिया है। यह संवेदनशील और गरीब-हितैषी सरकार की पहचान है। सरकार ने सदियों से वंचित रहे गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी समाज की इच्छाओं को पूरा कर उन्हें सपने देखने का साहस दिया है।
आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीबों को और गरीब होने से बचाया है, उनके 80 हजार करोड़ रुपये खर्च होने से बचाए हैं। 7 दशकों में देश में करीब सवा तीन करोड़ घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचा था। जल जीवन मिशन के तहत 3 साल में करीब 11 करोड़ परिवार पाइप के जल से जुड़े हैं।
मौजूदा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए काम किया है। बीते कुछ वर्षों में मेरी सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि अनेक मूल सुविधाएं आज या तो शत-प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुकी हैं या फिर उस लक्ष्य के बहुत निकट हैं।
जनधन-आधार-मोबाइल से फर्जी लाभार्थियों को हटाने से लेकर वन नेशन वन राशन कार्ड तक, एक बहुत बड़ा स्थाई सुधार हमने किया है। बीते वर्षों में डीबीटी के रूप में, डिजिटल इंडिया के रूप में, एक स्थाई और पारदर्शी व्यवस्था देश ने तैयार की।
सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर आतंकवाद पर कठोर प्रहार तक, LoC से लेकर LAC तक हर दुस्साहस के कड़े जवाब तक, धारा 370 को हटाने से लेकर तीन तलाक तक, मेरी सरकार की पहचान एक निर्णायक सरकार की रही है।
पहले टैक्स रिफंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। आज ITR भरने के कुछ ही दिनों के भीतर रिफंड मिल जाता है। आज GST से पारदर्शिता के साथ-साथ करदाताओं की गरिमा भी सुनिश्चित हो रही है।
जो भारत कभी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूसरों पर निर्भर था, वही आज दुनिया की समस्याओं के समाधान का माध्यम बना है। जिन सुविधाओं के लिए देश की एक बड़ी आबादी ने दशकों तक इंतजार किया, वे इन वर्षों में उसे मिली है।
मैं आज इस सत्र के माध्यम से, देशवासियों का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने लगातार दो बार, एक स्थिर सरकार को चुना है। मेरी सरकार ने देशहित को सदैव सर्वोपरि रखा, नीति-रणनीति में संपूर्ण परिवर्तन की इच्छा शक्ति दिखाई।
हमारे लिए युग निर्माण का अवसर है। हमें ऐसा भारत बनाना है जो आत्मनिर्भर है और जो अपने मानवीय दायित्व को पूरा करने में समर्थ हो, जिसमें गरीबी न हो, जिसका मध्यम वर्ग भी वैभव से युक्त हो। जिसकी युवाशक्ति, नारी शक्ति समाज और राष्ट्र को दिशा देने के लिए खड़ी हो।
सरकार के लगभग 9 वर्षों में भारत के लोगों ने अनेक सकारात्मक परिवर्तन पहली बार देखे हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ है कि आज हर भारतीय का आत्मविश्वास शीर्ष पर है और दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदला है।
अमृतकाल का यह 25 वर्ष का कालखंड, स्वतंत्रता की स्वर्णिम शताब्दी का और विकसित भारत के निर्माण का कालखंड है। ये 25 वर्ष हम सबके लिए और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए कर्तव्यों की पराकाष्ठा करके दिखाने के हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण शुरू हो गया है।
Budget Session | President Droupadi Murmu addresses the joint session of Parliament pic.twitter.com/qdmHLfUbvC
— ANI (@ANI) January 31, 2023
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु संसद भवन पहुंच गई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उनका स्वागत किया।
संसद के बजट सत्र के लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी संसद पहुंचीं।
#WATCH | Delhi: Congress Parliamentary Party Chairperson and MP Sonia Gandhi arrives at the Parliament for the #BudgetSession pic.twitter.com/AyB2jd0wT2
— ANI (@ANI) January 31, 2023
पीएम ने कहा कि हमारी वित्त मंत्री भी एक महिला हैं। वह कल देश के सामने एक और बजट पेश करेंगी। आज की वैश्विक परिस्थितियों में भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की नजर भारत के बजट पर है।
मोदी ने कहा कि आज भारत की वर्तमान राष्ट्रपति संयुक्त सदन को पहली बार संबोधित करने जा रही हैं। उनका संबोधन भारत के संविधान, संसदीय प्रणाली का गौरव है और आज नारी सम्मान का भी अवसर है।
पीएम मोदी ने कहा कि बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। शुरुआत में ही, अर्थव्यवस्था की दुनिया से विश्वसनीय आवाजें, एक सकारात्मक संदेश, आशा की किरण और उत्साह की शुरुआत लेकर आई हैं। आज का दिन अहम है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहली बार संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी।
श्रीनगर में बर्फबारी के चलते कांग्रेस के कई नेता वहां फंस गए हैं। इसके चलते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई सांसद राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान सदन में मौजूद नहीं हो सकेंगे।
संसद का बजट सत्र दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक, दूसरा चरण 13 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा।
बजट 2023-24 भी पेपरलेस है। 2021-22 में पेपरलेस बजट की शुरुआत हुई थी। वित्त मंत्रालय ने कहा था कि पिछले दो वर्षों की तरह इस बार का बजट भी पेपरलेस होगा।
संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2023 पेश होने से पहले शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 325 अंक लुढ़ककर 59,175 पर पहुंच गया है। निफ्टी भी 17,559 पर है।
