बाल विवाह रोकने में भारत के प्रयासों की UN ने की तारीफ, बताया मिसाल
संयुक्त राष्ट्र ने बाल विवाह रोकने और बालिकाओं के अधिकारों को मजबूत करने के भारत के प्रयासों की सराहना की है।

HighLights
यूएन ने बाल विवाह रोकने के भारत के प्रयासों को सराहा
निरंतर निवेश और सामुदायिक सहभागिता से सार्थक बदलाव संभव
बालिकाओं की शिक्षा में सुधार, बाल विवाह में कमी आई
डिजिटल डेस्क, संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने बाल विवाह रोकने और बालिकाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए भारत के प्रयासों की प्रशंसा की है। यूएन ने कहा कि इस देश ने दिखाया है कि निरंतर निवेश और बड़े पैमाने पर सामुदायिक सहभागिता से वास्तविक और सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।
यूएन में भारत और सिएरा लियोन के स्थायी मिशनों ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर 'बालिकाओं में निवेश - हमारे भविष्य को बदलना' थीम पर एक कार्यक्रम की मेजबानी की।
इस मौके पर यूनिसेफ की उप कार्यकारी निदेशक हन्नान सुलेमान ने कहा कि इस थीम का संदेश आसान लेकिन प्रभावशाली है कि जब लड़कियां आगे बढ़ती हैं तो समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा, 'भारत में किशोर उम्र के बच्चों की दुनिया की सबसे बड़ी आबादी है, जिसमें 25 करोड़ से ज्यादा किशोर-किशोरियां हैं।
भारत ने यह दिखाया है कि निरंतर निवेश, बड़े पैमाने पर सामुदायिक सहभागिता और नीतिगत कदम वास्तविक और सार्थक बदलाव ला सकते हैं। पिछले एक दशक में बालिकाओं की शिक्षा में काफी सुधार हुआ है।
यह परिवारों में बालिकाओं के महत्व की बढ़ती समझ को दर्शाता है।' उन्होंने कहा कि भारत में बाल विवाह में कमी आई है। इसकी वजह सरकार और समुदाय के समग्र प्रयासों से 'बाल विवाह मुक्त भारत' जैसे अभियान हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
