नई दिल्ली, एएनआई। बैंक से फ्रॉड करने के बाद देश छोड़कर भागने वाले नीरव मोदी को प्रत्यर्पण पर मुंबई लाया जाएगा। इसको लेकर मुंबई में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि उसे यहां आर्थर रोड जेल (arthur road jail in mumbai) के बैरक नंबर 12 में रखे जाने की तैयारी है। नीरव को दो मंजिला आर्थर रोड जेल परिसर के अंदर बेहद सुरक्षित इस बैरक में रखा जाएगा। इसको लेकर जेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। सुरक्षा व्‍यवस्‍था और तगड़ी कर दी गई है। बता दें कि पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की याचिका को लंदन की अदालत ने आज गुरुवार को ठुकरा दिया है। कोर्ट ने उसके भारत प्रत्यर्पित किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष है। 

लंदन की अदालत ने इस बात को भी नकारा कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य को प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है। अदालत ने आर्थर रोड के बैरक 12 में नीरव मोदी को रखे जाने के बारे में दिये गए आश्वासनों को भी संतोषजनक बताया। कोर्ट ने कहा कि मुंबई के आर्थर रोड जेल के बैरक 12 में ही रखा जाए। उसे भोजन, साफ पानी, साफ टॉयलेट, बिस्तर की सुविधा दी जाए। मुंबई सेंट्रल जेल के चिकित्सक भी नीरव के लिए उपलब्ध रहें। 

भारत सरकार ने कोर्ट में  पेश की थी आर्थर रोड जेल बैरक 12 का वीडियो

बता दें कि मुंबई की आर्थर रोड जेल में नीरव मोदी को लाया जाना है। वहां जेल के बैरक 12 की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। भारत सरकार ने उस सेल की एक अपडेटेड वीडियो रिकॉर्डिंग पेश की है ताकि यह पता चले कि उस स्थान पर प्राकृतिक प्रकाश है, वह स्थान हवादार है और वह सभी मानवाधिकार आवश्यकताओं को पूरा करता है।

जेल में मिल सकती है ये सारी सुविधाएं

बताया जा रहा है कि बैरक नंबर 12 में विजय नीरव के लिए गद्दा, तकिया, चादर और कंबल का इंतजाम रहेगा। एक मेटल फ्रेम का या लकड़ी का बेड मेडिकल आधार पर दिया जा सकता है। रोशनी हवा और सामान रखने के लिए जगह का इतंजाम होगा। टॉइलट, कपड़े धोने, पीने का साफ पानी और मेडिकल सुविधा भी मिलेगी।

ऐसी है मुंबई की आर्थर रोड जेल

आर्थर रोड जेल का निर्माण सन् 1926 में किया गया था। यह शहर की सबसे पुरानी और बड़ी जेल है। 1994 में इसे अपग्रेड कर केंद्रीय जेल बनाया गया। हालांकि, आज भी इसे आर्थर रोड जेल के नाम से ही जाना जाता है। यह करीब 2 एकड़ जमीन में फैली है। शुरुआत में इस जेल को 800 कैदियों के हिसाब से बनाया गया था। बाद में इसकी क्षमता बढ़ी। इसमें भी बैरक नंबर-12 दोनों ही तरफ से बहुत सुरक्षित है और इसे स्टील स्ट्रक्चर लगाकर और अभेद्य बनाया गया है। ग्राउंड लेवल से बीस फीट ऊंचाई पर स्थापित इस जेल में तीन तरफ से हवा और रोशनी आती है और हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। इस जेल के महज 3 से 4 किमी के दायरे में 6 बड़े अस्पताल हैं।

हाईप्रोफाइल कैदियों को रखा जाता है यहां

बता दें कि हाईप्रोफाइल कैदियों को या तो पुणे की यरवडा जेल या फिर मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाता है। 26/11 को अंजाम देने वाले आतंकी अजमल कसाब को भी आर्थर रोड जेल में रखा गया था। इसकी सेल बमप्रूफ और बुलेटप्रूफ थी। कसाब के बाद इस सेल में अभी 26/11 में ही केस का सामान कर रहे कथित आतंकी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल को रखा गया है। दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर, मुस्तफा दोसा, यासीन भटकल, शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी और इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे छगन भुजबल, उनका भतीजा समीर भुजबल और अभिनेता संजय दत्त भी रह चुके हैं।

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