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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूजीसी-नेट की पुन: परीक्षा पर रोक लगाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका की गई दाखिल

Published: Sun, 21 Jul 2024 11:12 PM (IST)Updated: Sun, 21 Jul 2024 11:17 PM (IST)

पेपर लीक के बाद यूजीसी-नेट पर विवाद अभी थम नहीं रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल ...और पढ़ें

UGC NET 2024: यूजीसी-नेट मामले में सुप्रीम में याचिका दाखिल।
UGC NET 2024: यूजीसी-नेट मामले में सुप्रीम में याचिका दाखिल।

HighLights

  1. याचिका में सरकार के फैसले को दी गई चुनौती।
  2. 19 जून को सरकार ने रद्द किया था यूजीसी-नेट।
  3. सीबीआई को सौंपी गई थी पेपर लीक की जांच।

पीटीआई, नई दिल्ली। यूजीसी-नेट रद्द करने के शिक्षा मंत्रालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। मंत्रालय ने पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद 19 जून को यूजीसी-नेट रद्द कर दिया था और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। याचिका पर प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ सुनवाई करने वाली है।

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याचिका में दी गई यह दलील

अधिवक्ता उज्ज्वल गौर द्वारा दायर याचिका में यूजीसी-नेट की प्रस्तावित पुन: परीक्षा पर उस वक्त तक रोक लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जब तक कि सीबीआई प्रश्नपत्र लीक के आरोपों की जांच पूरी नहीं कर लेती।

याचिकाकर्ता ने फैसले को बताया मनमाना

याचिकाकर्ता का कहना है कि सीबीआई के हालिया निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए (दोबारा परीक्षा कराने का) निर्णय न केवल मनमाना है, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। सीबीआई की जांच से यह तथ्य सामने आया है कि प्रश्नपत्र लीक का दावा करने वाले सुबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

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