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2 साल, 2 इस्तीफे और 2 अलग-अलग मुख्यमंत्री... बी नागेंद्र को क्यों देना पड़ा इस्तीफा? Inside Story

Published: Sat, 29 Aug 2026 02:00 AM (IST)

नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के लगातार हमलों और वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले के ...और पढ़ें

नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया (फोटो- पीटीआई)

नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया

  2. मई 2023 में कांग्रेस नेता बी नागेंद्र पहली बार मंत्री बने थे

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के कांग्रेस नेता बी नागेंद्र को दो साल में दो बार मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा है। दोनों बार अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में एक ही भ्रष्टाचार के आरोप के कारण यह हुआ।

नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के लगातार हमलों और वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले के आरोपों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफे की घोषणा करते समय वे भावुक हो गए और मीडिया के सामने रो पड़े।

पहले इस्तीफे की कहानी

मई 2023 में नागेंद्र पहली बार मंत्री बने थे। उन्हें अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग का प्रभार मिला था और वे वाल्मीकि कॉरपोरेशन से जुड़े थे। मई 2024 में कॉरपोरेशन के अकाउंट्स ऑफिसर चंद्रशेखरन पी ने आत्महत्या कर ली। उनकी सुसाइड नोट में 89.63 करोड़ रुपये के अनधिकृत ट्रांसफर का आरोप था।

भाजपा के विरोध और प्रदर्शनों के बीच 6 जून 2024 को उन्होंने सिद्धारमैया कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोपों से इनकार किया। बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन वे जमानत पर बाहर हैं।

दोबारा मंत्री बने और फिर इस्तीफा

डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद 3 अगस्त 2026 को नागेंद्र को फिर कैबिनेट में शामिल किया गया। उन्हें योजना और सांख्यिकी विभाग का प्रभार मिला। लेकिन भाजपा ने फिर से वाल्मीकि घोटाले का मुद्दा उठाया।

सीबीआई ने चार्जशीट में नागेंद्र को आरोपी बनाया, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लाभ का आरोप है। विधानसभा में भाजपा के लगातार हंगामे के कारण सत्र तीन दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। भाजपा ने रायचूर-बल्लारी पदयात्रा का भी ऐलान किया।

नागेंद्र ने कहा कि सीएम शिवकुमार ने उन्हें इस्तीफा न देने को कहा था, लेकिन उन्होंने सरकार को विवाद से बचाने के लिए खुद इस्तीफा देने का फैसला लिया।