श्रीनगर, (राज्य ब्यूरो)। सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में दो मुठभेड़ों में दो आतंकियों को मार गिराया है। पहली मुठभेड़ कुपवाड़ा के भीतरी क्षेत्र नगरी में हुई और दूसरी एलओसी के साथ सटे लोलाब में। नगरी मुठभेड़ में लश्कर-ए-इस्लाम के डिवीजनल कमांडर समीर अहमद वानी उर्फ जान की मौत के विरोध में कुपवाड़ा से सोपोर तक हिंसा भड़क गई। गुस्साई भीड़ ने एक पुलिस वाहन को भी आग के हवाले कर दिया और उसमें सवार पुलिसकर्मियों के अलावा एक कैदी ने किसी तरह निकटवर्ती चौकी में जाकर अपनी जान बचाई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ भीड़ ने जमकर पथराव भी किया। इसमें सात पुलिसकर्मियों समेत 11 लोग घायल हो गए।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के कार्गो स्थित विशेष पुलिस अभियान दल को अपने तंत्र से बीती रात आतंकी समीर जान के ठिकाने का पता चला। उसी समय पुलिसकर्मियों का दल मौके पर पहुंचा। उसके साथ कुपवाड़ा एसओजी व 47 आरआर के जवान भी शामिल थे। आतंकी ने नगरी (कुपवाड़ा) में गुलाम मोहिउद्दीन नामक एक ग्रामीण के मकान में ठिकाना बना रखा था। जवानों ने देर रात गांव की घेराबंदी शुरू की और तड़के तलाशी अभियान चलाया।

जवानों को अपने ठिकाने के पास देख आतंकी ने वहां से भागने का प्रयास करते हुए गोली चलाई। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और आतंकी को कई बार सरेंडर के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। सुबह सात बजे शुरू हुई मुठभेड़ नौ बजे आतंकी के मारे जाने के साथ ही समाप्त हो गई। मारे गए आतंकी के पास से एक असाल्ट राइफल, एक पिस्तौल, एसाल्ट राइफल के तीन मैगजीन, पांच ग्रेनेड व अन्य सामान भी मिला है।

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अलबत्ता, आतंकी की मौत की खबर फैलते ही नगरी, द्रगमुला, रफियाबाद, सोपोर, शिवा, डुरू और उनके साथ सटे इलाकों में बड़ी संख्या में लोग आजादी समर्थक नारेबाजी करते हुए सड़कों पर निकल आए। कई युवकों ने मोटरसाइकिलों पर आतंकी के हक में जुलूस निकाला। आतंकी की मौत से उत्तेजित लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए पुलिसकर्मियों पर भी पथराव शुरू कर दिया।

इसी दौरान शिवा इलाके में हिंसक भीड़ ने कुपवाड़ा जेल से सेशन जज बांडीपोर की अदालत की तरफ जा रहे पुलिस के वाहन नंबर जेके 15-4530 को रोक लिया। इसमें बशीर अहमद वागे नामक एक कैदी के अलावा एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी सवार थे। भीड़ ने वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते हुए कैदी भी छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मी कैदी को लेकर निकटवर्ती चौकी में पहुंचने में कामयाब रहे। इस बीच, हिंसक भीड़ ने वाहन को आग लगा दी। पुलिस ने भी हिसंक भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियों और आंसू गैस का सहारा लिया।

पहले हिजबुल मुजाहिद्दीन में था आतंकी समीर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकी समीर अहमद वानी उत्तरी कश्मीर में सोपोर के डुरू इलाके का रहने वाला था। पहले वह हिजबुल मुजाहिद्दीन में था, लेकिन गत वर्ष क्यूम नजार द्वारा हिजबुल से बगावत करने के बाद वह लश्कर-ए-इस्लाम में चला गया था। बीते कुछ दिनों से हिज्ब उसे वापस अपने कैडर में लेने का प्रयास कर रहा था, लेकिन इस तथ्य की पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं शाम को आतंकी समीर के जनाजे में काफी भीड़ जुटी। इस दौरान हिज्ब के आतंकियों ने रोष में हवा में कई राउंड फायर भी किए।

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Posted By: Manish Negi

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