नई दुनिया, सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने रविवार दोपहर घात लगाकर सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया जिसमें दो जवान शहीद हो गए। नक्सलियों ने यह हमला चिंतागुफा से भेज्जी सड़क का निर्माण रोकने के लिए किया। हमले में सात जवान घायल हुए हैं। इनमें से तीन की हालत नाजुक है। हमले के बाद नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगे एक मुंशी और एक मजदूर की भी हत्या कर दी। नक्सली यहां सड़क निर्माण रोकने के लिए कई बार धमकी देने के साथ ही हमले भी कर चुके हैं। मौके से तीन श्रमिकों के अपहरण की भी सूचना है। नक्सली हमलों की वजह से यह सड़क लगातार चर्चा में है। इसके बाद भी जवानों की सुरक्षा में निर्माण कार्य लगातार जारी है।

दोपहर में काफी संख्या में नक्सलियों ने निर्माण स्थल पर तैनात कोबरा व डीआरजी (डिस्टि्रक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में दो सहायक आरक्षक मडकम हंदा और मुकेश कड़ती मौके पर ही शहीद हो गए। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगे दस वाहनों के डीजल टैंक फोड़कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने निर्माण कार्य में लगे मुंशी अनिल कुमार व एक श्रमिक की भी गला रेतकर हत्या कर दी।

एर्राबोर में एक नक्सली ढेर

इधर, सुकमा के एर्राबोर क्षेत्र में सुरक्षा बलों व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर हो गया है। मारे गए नक्सली की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

सुकमा में अब तक के बड़े नक्सली हमले

-24 अप्रैल 2017- बुरकापाल के पास सड़क की सुरक्षा में लगे जवानों पर हमला-25 शहीद

-11 मार्च 2017- भेज्जी के पास पुल निर्माण की सुरक्षा में लगे जवानों पर हमला-12 शहीद

-12 अप्रैल 2015- पिडमेल गांव के पास एसटीएफ जवानों पर हमला, सात शहीद

- छह अप्रैल 2010- ताड़मेटला में सीआरपीएफ जवानों पर हमला, 76 शहीद

(सभी हमले सड़क निर्माण को रोकने के लिए हुए )

Posted By: Manish Negi