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थलापति ने किया ऐसा इशारा, विधानसभा में मच गया हंगामा; CM विजय को बाद में देनी पड़ी सफाई

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:48 PM (IST)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने विधानसभा में अपने हाव-भाव को लेकर सफाई दी है, जिसे DMK ने पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन की 'बॉडी शेमिंग' बताया था।

CM विजय ने विधानसभा में अपने इशारे पर सफाई दी

CM विजय ने विधानसभा में अपने इशारे पर सफाई दी

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डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय ने मंगलवार को विधानसभा में अपनी तरफ से किए गए इशारे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान उनकी जो बॉडी लैंग्वेज थी वो अनजाने में निकल गई थी यह किसी को व्यक्तिगत रूप से आहात करने की कोशिश नहीं थी।

इससे पहले DMK ने आरोप लगता था कि थलापति ने सदन के अंदर उनके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री की 'बॉडी शेमिंग' की थी।

CM विजय को देनी पड़ी सफाई

विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'मैं साफ करना चाहता हूं कि 7 सितंबर को विधानसभा में अपने जवाब के दौरान, मेरे हाव-भाव, जो अनजाने में सामने आए, किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं थे। इसलिए, मेरा अनुरोध है कि इसे किसी की भावनाओं को व्यक्तिगत स्तर पर ठेस पहुंचाने के इरादे से की गई हरकत के रूप में न देखा जाए।'

विधानसभा में तीखी नोकझोक

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को सत्ताधारी विजय की पार्टी TVK और विपक्ष की DMK के बीच तीखी नोकझोक हुई। बहस का मुद्दा इमरजेंसी के दौरान तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की MISA (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट, 1971) के तहत गिरफ्तारी रही थी।

इस दौरान स्पीकर के साथ गतिरोध बना और स्टालिन ने सदन के कामकाज के तरीके पर तीखी टिप्पणी की। इस बहस की शुरुआत मुख्यमंत्री विजय ने की। उन्होंने बहस के दौरान स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा किया।

MISA के तहत गिरफ्तारी पर सवाल

विजय ने स्टालिन की MISA के तहत गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हमारे दोस्त हर बात पर MISA का जिक्र करते रहते हैं। अगर वे हर चीज के लिए MISA ले आएं, तो क्या किया जाए? हर कोई उस MISA के इतिहास के बारे में जानता है।' पूर्व मुख्यमंत्री ने भी अक्सर इस गिरफ्तारी का जिक्र किया है।

बोलते समय उन्होंने अपने दाहिने हाथ की हथेली को अपने जबड़े पर रखा। इस इशारे को स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा माना गया, जिसकी विपक्ष ने एकमत होकर 'बॉडी-शेमिंग' कहकर निंदा की। AIADMK और BJP भी अक्सर स्टालिन की MISA के तहत गिरफ्तारी पर सवाल उठती रही है।

विपक्ष ने 'बॉडी-शेमिंग' की आलोचना की

स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा करते हुए विजय के हाव-भाव की विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की। DMK विधायकों ने स्पीकर JCD प्रभाकर के चैंबर के बाहर धरना दिया और मांग की कि विजय की टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाया जाए, जब तक कि उन्हें मार्शल द्वारा जबरन बाहर नहीं निकाला गया।